मुंबई वार्ता/श्रीश उपाध्याय

तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने मुंबई के न्हावा शेवा बंदरगाह पर लगभग 20 करोड़ रुपये मूल्य की विदेशी मूल की अवैध सिगरेट की खेप जब्त की है। इस कार्रवाई में करीब 85 लाख विदेशी सिगरेट बरामद की गई हैं।


डीआरआई अधिकारियों को मिली विशेष खुफिया सूचना के आधार पर दुबई से आए एक आयात कंटेनर को रोका गया। शिपिंग दस्तावेजों में कंटेनर में “प्लास्टिक स्टोरेज बॉक्स” होने की घोषणा की गई थी, ताकि सीमा शुल्क जांच से बचा जा सके।


हालांकि, कंटेनर की गहन तलाशी लेने पर अधिकारियों को घोषित सामान की जगह बड़ी मात्रा में विदेशी प्रीमियम सिगरेट छिपाकर रखी हुई मिली। इसके बाद पूरी खेप को सीमा शुल्क अधिनियम (Customs Act) और सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पाद (पैकेजिंग एवं लेबलिंग) नियमों के उल्लंघन के तहत जब्त कर लिया गया।
डीआरआई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय तस्करी गिरोह अक्सर अधिक शुल्क वाले सामान, जैसे विदेशी सिगरेट, को कम मूल्य वाले सामान के रूप में घोषित कर सीमा शुल्क की जांच से बचने की कोशिश करते हैं। उन्होंने कहा कि खुफिया जानकारी आधारित निगरानी और जोखिम विश्लेषण के जरिए ऐसे नेटवर्क पर लगातार कार्रवाई की जा रही है।
डीआरआई ने इस मामले में विस्तृत जांच शुरू कर दी है। जांच एजेंसी आयात खेप के पीछे मौजूद देश के भीतर के मास्टरमाइंड, लॉजिस्टिक नेटवर्क और भारत में इस खेप को प्राप्त करने वाले लोगों की पहचान करने में जुटी है, ताकि पूरे तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके। फिलहाल इस मामले में किसी गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन जल्द ही आगे की कानूनी कार्रवाई होने की संभावना है।
■ सरकार के राजस्व और जनस्वास्थ्य पर खतरा
अधिकारियों के अनुसार, विदेशी सिगरेट की तस्करी से सरकार को भारी राजस्व नुकसान होता है, घरेलू तंबाकू उद्योग में निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा प्रभावित होती है और बिना नियामकीय मानकों के आयातित तंबाकू उत्पादों के कारण जनस्वास्थ्य पर भी गंभीर खतरा पैदा होता है। डीआरआई ने स्पष्ट किया कि इस तरह की तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए भविष्य में भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।


