■ मुंबई सेंट्रल के मंडल रेल प्रबंधक श्री पंकज सिंह ने 36 कर्मचारियों को उनके अनुकरणीय योगदान के लिए किया सम्मानित.
मुंबई वार्ता /सतीश सोनी

पश्चिम रेलवे के मुंबई सेंट्रल मंडल ने चालू वित्त वर्ष के दौरान टिकट जाँच प्रदर्शन में एक उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। मंडल ने न केवल पिछले रिकॉर्ड को पार किया है, बल्कि अप्रैल से अगस्त 2025 के बीच टिकट जाँच में पिछले वर्षों की किसी भी समान अवधि की तुलना में अब तक की सबसे अधिक कमाई भी दर्ज की है। मुंबई सेंट्रल मंडल के मंडल रेल प्रबंधक पंकज सिंह ने 36 टिकट जाँच कर्मचारियों को उनके समर्पण और उत्कृष्ट सेवा के सम्मान में उनके असाधारण प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया।


पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी विनीत अभिषेक द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, मंडल ने अगस्त 2025 तक टिकट जाँच से ₹40 करोड़ से अधिक की आमदनी प्राप्त की है, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में ₹31 करोड़ की आमदनी हुई थी, जो लगभग 30% की प्रभावशाली वृद्धि को दर्शाता है। अप्रैल से अगस्त 2025 की अवधि के दौरान लगभग 4.50 लाख बेटिकट यात्रियों को पकड़ा गया। यह उत्कृष्ट उपलब्धि टिकट जाँच कर्मचारियों के निरंतर प्रयासों का परिणाम है।


इस अवधि के दौरान टिकट जाँच कर्मचारियों में सबसे अधिक व्यक्तिगत राजस्व अर्जित करने वालों में उधना के उप मुख्य टिकट निरीक्षक सी.के. सिन्हा रहे, जिन्होंने लगभग ₹45 लाख और सूरत के उप मुख्य टिकट निरीक्षक दीपक एस. सपकाले रहे, जिन्होंने ₹35 लाख से अधिक की राशि अर्जित की। उनके अनुकरणीय प्रदर्शन ने मंडल में अन्य लोगों के लिए एक मानक स्थापित किया है।मुंबई सेंट्रल मंडल के प्रदर्शन का एक और अनूठा आकर्षण विशेष महिला टिकट जाँच दस्ते का योगदान रहा है। इस दस्ते में 10-10 सदस्यों वाली दो टीमें शामिल हैं। अप्रैल से अगस्त 2025 के बीच, इस दस्ते ने 38,400 से ज़्यादा मामलों का पता लगाया और लगभग ₹109 लाख का राजस्व अर्जित किया।
महिला कर्मचारियों में मुंबई सेंट्रल की उप मुख्य टिकट निरीक्षक श्रीमती शीतल सकरू, जो लगभग ₹7 लाख का जुर्माना वसूल कर शीर्ष प्रदर्शनकर्ता के रूप में उभरीं। यह महिला दस्ते की दक्षता, प्रतिबद्धता और समर्पण को दर्शाता है।टिकट जांच कर्मचारियों के उल्लेखनीय प्रयासों से यात्री अनुशासन को बढ़ावा मिलता है तथा एक जिम्मेदार एवं कुशल संगठन के रूप में पश्चिम रेलवे की छवि मजबूत होती है।


