■ सभी धर्म के धर्मगुरुओं ने जताया कड़ा विरोध कहा-यह मानवता को शर्मसार करने वाला
वरिष्ठ संवाददाता /मुंबई वार्ता

जम्मू कश्मीर के पहलगाम में आतंकियों द्वारा किए गए कायराना हमले से सभी धर्म के धर्मगुरुओं ने आक्रोश व्यक्त हुए कड़ा विरोध जताया है। सभी ने एक मत से इसे मानवता को शर्मसार करने वाला बताया है।
● यह आस्था के नाम का आतंकवाद
हार्मोनी फाउंडेशन के संस्थापक अध्यक्ष तथा राज्य अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष डॉ. अब्राहम मथाई ने पहलगाम में पर्यटकों पर हुए हमले की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि पर्यटकों को उनके धर्म के आधार पर निशाना बनाने, उन्हें “कलमा” पढ़ने के लिए मजबूर करने और धर्म के आधार पर निशाना बनाने की खबरें क्रूर कट्टरपंथी इस्लामी आतंकवादियों की सच्चाई को उजागर करती हैं जो धर्म के नाम पर नफरत और हिंसा फैला रहे हैं।
संत समाज एकजुटता के साथ अहिंसा विश्व भारती एवं विश्व शांति केंद्र के संस्थापक जैन आचार्य लोकेश मुनि ने कहा कि कश्मीर में निर्दोष पर्यटकों पर हुए आतंकवादी हमले के खिलाफ पूरी दुनिया के संत एकजुटता के साथ खड़े हैं।
उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति सहानुभूति प्रकट की और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। कब तक यह चलता रहेगा महालक्ष्मी मंदिर के पास स्थित साधुबेला उदासीन आश्रम के महंत स्वामी गौरीशंकर दास महाराज ने कहा कि पिछले लगभग 40 सालों से देश आतंकवाद का दंश झेल रहा है। पहले कश्मीर से हिंदुओं को भगाकर उनकी संपत्तियां हथिया ली अब पर्यटकों को उनका धर्म पूछकर गोली मारी जा रही है। आखिर यह कब तक चलेगा। राष्ट्रीय सुरक्षा को चुनौती जैन आचार्य देवेंद्र ब्रह्मचारी महाराज ने कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों का धर्म पूछकर गोली मारने की घटना पर आक्रोश व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि मुट्ठी भर कायर लोग हिंदुओं के साथ राष्ट्रीय सुरक्षा को चुनौती दे रहे हैं। केंद्र सरकार को इसका मुंहतोड़ जवाब देना चाहिए।


