■ भाजयुमो ने कहा- राज ठाकरे पहले अपने बेटे को संविधान, लोकतंत्र और सार्वजनिक संस्थाओं के सम्मान का पाठ पढ़ाएं
मुंबई वार्ता/श्रीश उपाध्याय

पुणे स्थित शासकीय तंत्रनिकेतन महाविद्यालय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर हटाए जाने के विरोध में भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो), मुंबई ने मंगलवार को राजगढ़ स्थित महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे की तस्वीर पर जूते मारकर विरोध जताया और प्रधानमंत्री की तस्वीर हटाए जाने की घटना के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की।


यह आंदोलन भाजपा मुंबई अध्यक्ष एवं विधायक अमित साटम के मार्गदर्शन तथा भाजयुमो महाराष्ट्र अध्यक्ष कृष्णराज महाडीक और भाजयुमो मुंबई अध्यक्ष दीपक सिंह के नेतृत्व में किया गया।
भाजयुमो ने आरोप लगाया कि पुणे के शासकीय तंत्रनिकेतन महाविद्यालय में महाराष्ट्र नवनिर्माण विद्यार्थी सेना के अध्यक्ष अमित ठाकरे की मौजूदगी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर हटाई गई। संगठन ने इस घटना को प्रधानमंत्री पद की गरिमा और संवैधानिक संस्थाओं के सम्मान से जोड़ते हुए इसका विरोध किया।


भाजयुमो ने कहा कि प्रधानमंत्री पद की प्रतिष्ठा और संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान किसी भी परिस्थिति में कम नहीं होने दिया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अपमान से जुड़ी किसी भी कार्रवाई का लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से विरोध किया जाएगा।
■ ‘राज ठाकरे अपने बेटे को संविधान का पाठ पढ़ाएं’
भाजयुमो महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष कृष्णराज महाडीक ने कहा कि राज ठाकरे को राजनीति पर बड़े-बड़े भाषण देने से पहले अपने बेटे को संविधान, लोकतंत्र और सार्वजनिक संस्थाओं का सम्मान करना सिखाना चाहिए। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र छत्रपति शिवाजी महाराज और भारतरत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की विचारभूमि है और यहां कानून तथा संविधान से ऊपर कोई नहीं है।
महाडीक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर हटाए जाने की घटना को निंदनीय बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री का अपमान स्वीकार नहीं किया जाएगा।
■ ‘प्रधानमंत्री किसी एक पार्टी के नहीं, पूरे देश के प्रतिनिधि’
भाजयुमो मुंबई अध्यक्ष दीपक सिंह ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री किसी एक राजनीतिक दल के नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र के प्रतिनिधि होते हैं। उनके पद का अनादर करना लोकतांत्रिक मूल्यों का अपमान है।
उन्होंने कहा कि अमित ठाकरे और उनके साथियों द्वारा प्रधानमंत्री की तस्वीर हटाने की घटना केवल एक तस्वीर का मामला नहीं है, बल्कि सार्वजनिक संस्थाओं की मर्यादा और संवैधानिक पद के सम्मान का प्रश्न है।
भाजयुमो मुंबई ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अपमान हो या प्रधानमंत्री पद की गरिमा को ठेस पहुंचाने का कोई प्रयास, मुंबई का युवा वर्ग इसे चुपचाप सहन नहीं करेगा। संगठन ने कहा कि ऐसी घटनाओं के खिलाफ वह लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से आवाज उठाता रहेगा।
भाजयुमो ने कहा कि महाराष्ट्र की युवा शक्ति को उकसावे और अहंकार की राजनीति नहीं, बल्कि संविधान, विकास और राष्ट्रहित पर आधारित राजनीति चाहिए।


