हवन में आहुति देने के लिए बड़ी संख्या में जुटे श्रद्धालु
सौरभ शांडिल्य/ मुंबई वार्ता

सर्वम सांस्कृतिक फाउंडेशन एवं रिजेंसी सर्वम परिवार टिटवाला के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह के अंतिम दिन सुदामा चरित्र, परीक्षित मोक्ष, शुकदेव पूजन, व्यास विदाई आदि प्रसंग की कथा प्रस्तुत की गई।


टिटवाला पूर्व के गणेश मंदिर रोड स्थित रिजेंसी सर्वम परिसर के मेरिडियन स्कूल मैदान की कथा में व्यासपीठ से भागवत मर्मज्ञ, पूज्य गायत्री नंदन महाराज (अयोध्या धाम) ने कहा कि भगवान को मित्र बना लो तो वे तुम्हारा कृष्ण की तरह कल्याण करेंगे। मित्रता करो, तो भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा जैसी करो। सच्चा मित्र वही है, जो अपने मित्र की परेशानी को समझे और बिना बताए ही मदद कर दे। परंतु आजकल स्वार्थ की मित्रता रह गई है। जब तक स्वार्थ सिद्ध नहीं होता है, तब तक मित्रता रहती है। जब स्वार्थ पूरा हो जाता है, मित्रता खत्म हो जाती है। भागवत कथा जीवन में गुणात्मक परिवर्तन लाती है इसलिए जब भी अवसर मिले इसका श्रवण करना चाहिए क्योंकि कथा का श्रवण करने से मनुष्य को मृत्यु का भी भय नहीं रहता। भगवान श्रीकृष्ण के श्रीमुख से निकली गीता उनकी वांग्मय वाणी है।
महाराज जी ने कथा के प्रवाह को आगे बढ़ाते हुए कहा कि सुदामा अपनी पत्नी के कहने पर मित्र कृष्ण से मिलने द्वारकापुरी जाते हैं। वह महल के द्वार पर पहुंचकर प्रहरियों से कृष्ण को अपना मित्र बताते है। अंदर जाने की बात कहते हैं तो सुदामा की बात सुनकर प्रहरी उपहास उड़ाते है और कहते है कि भगवान श्रीकृष्ण का मित्र एक दरिद्र व्यक्ति कैसे हो सकता है। प्रहरियों की बात सुनकर सुदामा अपने मित्र से बिना मिले ही लौटने लगते हैं। तभी एक प्रहरी महल के अंदर जाकर भगवान श्रीकृष्ण को बताता है कि महल के द्वार पर एक सुदामा नाम का दरिद्र ब्राह्मण खड़ा है और अपने आप को आपका मित्र बता रहा है। द्वारपाल की बात सुनकर भगवान कृष्ण नंगे पांव ही दौड़े चले आते हैं और अपने मित्र सुदामा को रोते हुए गले लगा लेते हैं। इसके बाद वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हवन किया गया। इस अवसर पर कथा के मीडिया प्रभारी संदीप तिवारी, बृजेश पांडेय, संजय चौबे, दिलीप पांडेय, अमित त्रिपाठी, प्रमोद शुक्ल, सुनील तिवारी, सत्या गुप्ता, रवि कन्नौजिया, घनश्याम साठ, रेखा पांडेय, सपना गुप्ता, कंचन गुप्ता, आरती गुप्ता, पूर्णिमा चौबे, पारसनाथ तिवारी, आलोक पांडेय, नूतन पांडेय, राजेश तिवारी, उपेक्षा भोईर, शक्तिमान भोईर, प्रदीप भोईर, राजेश दीक्षित, दीपक कांबले, विजय देशेकर आदि लोग उपस्थित थे।


