■ तप आत्मा का कुंदनरुपी आभूषण : मधुदेवी
मुंबई वार्ता/संजय जोशी

अखिल भारतीय श्री राजेन्द्र जैन महिला परिषद शाखा बेंगलूरु द्वारा अखिल भारतीय श्री राजेन्द्र जैन महिला परिषद की राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती प्रेमादेवी गांधीमुथा ने 72 दिवसीय श्री राजेन्द्रसूरी महातप(अट्ठाई पारणे अट्ठाई ऐसे आठ अट्ठाई) के पूर्णाहुति निमित शाखा द्वारा बहुमान सह अभिनंदन पत्र दिया गया। इस अवसर पर राष्ट्रीय कार्यकारणी सदस्य श्रीमती मधुदेवी ओस्तवाल ने कहा तपस्या के माध्यम से व्यक्ति अपने मन शरीर इंद्रियों को नियंत्रित करने का प्रयास करता है। तप आत्मा का कुंदन है। तप आत्मा का आभूषण है।


शाखा अध्यक्ष श्रीमती कंचनदेवी पालगोता ने कहा, तप आत्मा को परमात्मा की ओर ले जाने का एक सशक्त माध्यम है। महिला परिषद की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं तपस्वीरत्ना श्रीमती प्रेमादेवी गांधीमुथा ने अपने उद्बोधन में कहा कि परमात्मा की विशेष कृपा से उनका यह तप पूर्ण हुआ। यह तप पुण्य सम्राट गुरुदेव श्रीमद् विजय जयंतसेनसूरीश्वरजी महाराजा को ही समर्पित है।


इस बहुमान कार्यक्रम में मंजू कोठारी ने अपनी सुरीली आवाज़ में भजनों से समा बांधा। इस अवसर पर महिला परिषद की अनेक सदस्याएं उपस्थित थी। बेंगलूरु महिला परिषद की सचिव श्रीमती रेखा सोलंकी ने सभी का आभार प्रकट किया।


