मुंबई वार्ता संवाददाता

भारत की प्रतिष्ठित राष्ट्रीय हिंदी साहित्यिक मासिक पत्रिका ‘ब्रह्म सत्य’ के 30वें वर्ष में प्रवेश के उपलक्ष्य में मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी एवं सामाजिक विमर्श कार्यक्रम में प्रख्यात साहित्यकार, समीक्षक, शिक्षाविद एवं भारतीय जनता पार्टी, मुंबई (महाराष्ट्र) के प्रवक्ता प्रो. दयानंद तिवारी को “सारस्वत सम्मान” से अलंकृत किया गया।यह सम्मान उन्हें हिंदी भाषा एवं साहित्य के प्रचार-प्रसार, सामाजिक चेतना के जागरण तथा राष्ट्र निर्माण में योगदान हेतु प्रदान किया गया।


कार्यक्रम में देशभर से साहित्य, समाज और प्रशासन के विविध क्षेत्रों के विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे। इनमें उत्तर प्रदेश, इलाहाबाद उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायमूर्ति श्री उमेशचंद्र शर्मा, जीएसटी कमिश्नर श्री राजकुमार त्रिपाठी, वरिष्ठ पत्रकार श्री तपन भारती, प्रतिष्ठित साहित्यकार श्री लक्ष्मीकांत शर्मा, मध्यप्रदेश रेरा के अध्यक्ष श्री अरुण कुमार भट्ट सहित अनेक गणमान्य शामिल थे।
इस अवसर पर स्थानीय पार्षद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता श्रीमती प्रियंका मिश्र ने प्रो. तिवारी की प्रशंसा करते हुए कहा की “प्रो. दयानंद तिवारी केवल विचारक नहीं, बल्कि विचारों को कर्म में ढालने वाले व्यक्तित्व हैं। वे अपनी लेखनी, वक्तृत्व और संगठनात्मक दृष्टि से युवा पीढ़ी को दिशा देते हैं। वे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की नीतियों के प्रखर समर्थक हैं और भारत के विकास मॉडल के सशक्त प्रवक्ता भी।
सम्मान प्रदान करते समय वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों और मंचासीन विशिष्टजनों ने प्रो. तिवारी की रचनात्मकता, सामाजिक प्रतिबद्धता और विश्लेषणात्मक क्षमता की मुक्तकंठ से सराहना की। उन्हें “समकालीन हिंदी जगत के उन विरले साहित्यकारों में गिना गया, जो विचार, व्यवहार और विश्लेषण — तीनों स्तरों पर समान रूप से सशक्त हैं।”इस भव्य कार्यक्रम का आयोजन ‘ब्रह्म सत्य’ पत्रिका के संपादक श्री अक्षयकुमार राय द्वारा किया गया।प्रो दयानंद तिवारी


