मुंबई वार्ता/सतीश सोनी

रेवेन्यू मिनिस्टर चंद्रशेखर बावनकुले ने राज्य में गैर-कानूनी तरीके से और नकली डॉक्यूमेंट्स के आधार पर बनाए गए जन्म और मृत्यु सर्टिफिकेट के रैकेट को तोड़ने के लिए कमर कस ली है। एडमिनिस्ट्रेशन को आदेश दिया गया है कि सिर्फ आधार कार्ड या जो संदिग्ध लगें, उनके आधार पर जारी किए गए जन्म और मृत्यु सर्टिफिकेट और रिकॉर्ड को तुरंत कैंसिल करें और पुलिस में तुरंत शिकायत दर्ज करें।


इस बारे में आज रेवेन्यू डिपार्टमेंट की तरफ से एक सर्कुलर जारी किया गया और तहसीलदारों, सब-डिविजनल ऑफिसर्स, डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर्स और डिविजनल कमिश्नरों को सोलह पॉइंट्स के आधार पर जन्म और मृत्यु सर्टिफिकेट की जांच करने का सुझाव दिया गया है। रेवेन्यू मिनिस्टर बावनकुले ने यह आदेश एडिशनल चीफ सेक्रेटरी होम और एडिशनल चीफ सेक्रेटरी रेवेन्यू की हाई-लेवल मीटिंग में दिए गए निर्देशों के बाद दिया।


• ‘इस’ तारीख के बाद के ऑर्डर कैंसिल होंगे.
11 अगस्त, 2023 के संशोधन के बाद नायब तहसीलदारों द्वारा बांटे गए जन्म और मृत्यु के रजिस्ट्रेशन के ऑर्डर वापस लेने और कैंसिल करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, जिन मामलों में सिर्फ आधार कार्ड को सबूत मानकर जन्म और मृत्यु सर्टिफिकेट जारी किए गए हैं, उन ऑर्डर को गलत माना जाएगा। रेवेन्यू डिपार्टमेंट ने केंद्र सरकार की गाइडलाइंस का हवाला देते हुए साफ किया है कि आधार कार्ड को जन्म या जन्म स्थान के सबूत के तौर पर स्वीकार नहीं किया जा सकता। खास बात यह है कि यह काम डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर और डिविजनल कमिश्नर की देखरेख में एक खास कैंपेन चलाकर एक स्पेशल मीटिंग के ज़रिए निपटाने का निर्देश दिया गया है।
• गलत एंट्री मिलने पर सीधे क्राइम दर्ज.
रेवेन्यू मिनिस्टर बावनकुले के निर्देश के मुताबिक, अगर एप्लीकेशन में दी गई जानकारी और आधार कार्ड पर दी गई जन्म तिथि में कोई अंतर पाया जाता है, तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ पुलिस स्टेशन में केस दर्ज किया जाएगा। साथ ही, यह भी कहा गया है कि लोकल पुलिस उन बेनिफिशियरी की लिस्ट बनाए जो ओरिजिनल सर्टिफिकेट वापस नहीं करते हैं या जो अब नहीं मिलते हैं, उन्हें ‘फरार’ घोषित करे और उनके खिलाफ FIR दर्ज करे।
• राज्य के ‘ये’ शहर रडार पर*राज्य के कुछ खास शहर और तालुका गैर-कानूनी जन्म और मृत्यु के मामलों में ‘हॉटस्पॉट’ पाए गए हैं। इनमें अमरावती, सिल्लोड, अकोला, संभाजीनगर शहर, लातूर, अंजनगांव सुरजी, अचलपुर, पुसद, परभणी, बीड, गेवराई, जालना, अर्धापुर और परली शामिल हैं, और यहां के तहसीलदारों और डिस्ट्रिक्ट कलेक्टरों को इन मामलों की गंभीरता से जांच करने के निर्देश दिए गए हैं।
• खास बातें•
सिर्फ ‘आधार कार्ड’ पर बने बर्थ सर्टिफिकेट कैंसिल कर दिए जाएंगे।
• अगर जन्म की तारीख में कोई गड़बड़ी हुई, तो सीधे पुलिस में शिकायत दर्ज की जाएगी।
• नकली सर्टिफिकेट बनवाने वाले बेनिफिशियरी अगर भाग जाते हैं तो उन्हें ‘भगोड़ा’ घोषित कर दिया जाएगा।
• संभाजीनगर, अमरावती, लातूर समेत 14 जगहों पर स्पेशल जांच ड्राइव।असल में, हेल्थ डिपार्टमेंट के पास बर्थ और डेथ सर्टिफिकेट जारी करने का सिस्टम है। लेकिन, एक साल बाद ये सर्टिफिकेट रेवेन्यू डिपार्टमेंट के ज़रिए जारी किए जाते हैं। इसके लिए तहसीलदार और उससे ऊपर के अधिकारी काबिल हैं। लेकिन, कई जगहों पर नकली डॉक्यूमेंट्स के आधार पर कई गड़बड़ियां पाई गईं। इसलिए, अब सर्टिफिकेट वापस लेने या उनकी दोबारा जांच करने का फैसला किया गया है।


