मुंबई वार्ता संवाददाता

बीएमसी ने यह भी चेतावनी दी कि प्रदूषण-निगरानी मानदंडों का उल्लंघन करने वाले निर्माण स्थलों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बृहन्मुंबई महानगर पालिका(बीएमसी) ने शहर भर में निर्माण स्थलों पर सेंसर-आधारित प्रदूषण निगरानी प्रणालियों की प्रगति का आकलन करने के लिए गुरुवार को एक समीक्षा बैठक की।


अतिरिक्त नगर निगम आयुक्त (शहर) की अध्यक्षता में हुई बैठक में पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन विभाग के अधिकारी, केंद्रीकृत प्रदूषण डैशबोर्ड बनाने का काम करने वाली एजेंसी सीईईडब्ल्यू के प्रतिनिधि और निगरानी उपकरणों की आपूर्ति करने वाले 15 शॉर्टलिस्ट किए गए विक्रेता शामिल थे। बैठक हाइब्रिड मोड में आयोजित की गई थी।
अधिकारियों ने बताया कि विक्रेताओं ने अब तक 662 प्रदूषण सेंसर इकाइयां स्थापित की हैं, जबकि 251 और स्थापनाएं प्रगति पर हैं। नागरिक निकाय ने उपकरणों की सक्रिय और निष्क्रिय स्थिति के साथ-साथ प्रत्येक विक्रेता के लिए स्थापना स्थिति और डैशबोर्ड एकीकरण की समीक्षा की।
सीईईडब्ल्यू ने बताया कि अब तक 400 प्रदूषण निगरानी इकाइयों को डैशबोर्ड के साथ एकीकृत किया गया है। इनमें से 283 डिवाइस वर्तमान में सक्रिय हैं, जबकि 117 साइटों पर बिजली या वाई-फाई की कमी, लंबित निर्माण कार्य, या परियोजना समर्थकों से तकनीकी डेटा प्राप्त न होने जैसे मुद्दों के कारण निष्क्रिय हैं।
अतिरिक्त नगर आयुक्त ने निर्देश दिया कि निष्क्रिय प्रदूषण संकेतक वाले सभी निर्माण स्थलों की एक सूची पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन विभाग के साथ साझा की जाए। विभाग को बॉम्बे उच्च न्यायालय के आदेशों के अनुसार साइट का दौरा करने, विक्रेताओं की प्रस्तुतियों का भौतिक सत्यापन करने और अनुपालन नोटिस जारी करने का निर्देश दिया गया है।


