■ मध्य रेल–पश्चिम रेलवे की संयुक्त सख्ती।
जय सिंह /मुंबई वार्ता

मध्य रेलवे और वेस्टर्न रेलवे में फर्जी टिकट यात्रा करने वाले यात्रियों की अब खैर नहीं मध्य रेल और पश्चिम रेलवे ने नकली टिकट के बढ़ते जाल को तोड़ने के लिए बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। उपनगरीय नेटवर्क में अब हर यात्री को यात्रा के दौरान वैलिड पहचान पत्र साथ रखना अनिवार्य होगा, जिसे टिकट परीक्षक को मांगने पर दिखाना पड़ेगा। पहचान पत्र पर दर्ज जानकारी सीज़न टिकट के विवरण से मेल खाना जरूरी है।


मुख्य जनसंपर्क अधिकारी डॉ. स्वप्नील निला के मुताबिक दोनों जोन ने मिलकर टिकट चेकिंग अभियान को और तेज़ कर दिया है। स्टेशनों और लोकल ट्रेनों में विशेष टीमें गश्त करेंगी, जो अनियमित यात्रा करने वालों और नकली टिकट धारकों पर कड़ी नज़र रखेंगी।रेलवे प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि नकली टिकट बनाना, खरीदना या उपयोग करना गंभीर अपराध है।
भारतीय न्याय संहिता (BNS)-2023 की धारा 318(2), 336(3), 336(4), 340(1), 340(2) और 3/5 के तहत ऐसे अपराधों पर कठोर कार्रवाई होगी। इसमें भारी जुर्माना और 7 साल तक की सज़ा का प्रावधान है।
रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे केवल ऑथराइज़्ड वेंडर, रेलवे बुकिंग काउंटर, एटीवीएम या फिर मोबाइल यूटी एस ऐप से ही टिकट खरीदें। नकली टिकट के खिलाफ़ शुरू हुई यह संयुक्त सख्ती अब बेईमान यात्रियों पर ‘ब्रेक’ लगाने को तैयार है।



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