मुंबई वार्ता/श्रीश उपाध्याय

शिवसेना नेता और मुंबई के पूर्व उप महापौर बाबूभाई भवानजी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम पर तीखा हमला बोला है। भवानजी ने दावा किया कि कार्यक्रम में राहुल गांधी द्वारा किए गए विभिन्न दावों की एक वेबसाइट के माध्यम से तथ्य-जांच की गई, जिसमें कथित तौर पर एक भी दावा सही नहीं पाया गया।


भवानजी ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि आईआईटी मद्रास की एक Gen-Z छात्रा राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में शामिल हुई थी। कार्यक्रम से लौटने के बाद उसने वहां उठाए गए मुद्दों और दावों पर शोध किया तथा इसके आधार पर एक वेबसाइट तैयार की।


भवानजी के मुताबिक, इस वेबसाइट पर राहुल गांधी के कार्यक्रम में किए गए 40 दावों का फैक्ट-चेक किया गया। इसमें दावा किया गया कि इनमें से 29 दावे ‘फेक’ और 11 दावे ‘भ्रामक’ पाए गए। भवानजी ने कहा कि वेबसाइट के दावों के अनुसार, इनमें एक भी दावा ‘सत्य’ श्रेणी में नहीं रखा गया।
इसी आधार पर भवानजी ने राहुल गांधी के कार्यक्रम को ‘छात्रों की गूंज’ के बजाय ‘झूठ की गूंज’ करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस छात्रा द्वारा किए गए फैक्ट-चेक से कांग्रेस इतनी घबरा गई कि उसके खिलाफ बेंगलुरु में FIR तक दर्ज करवा दी गई
भवानजी ने कहा कि यदि किसी कार्यक्रम में किए गए दावों पर शोध कर उनकी तथ्य-जांच की जाती है, तो उस पर सवाल उठाने या कार्रवाई करने के बजाय तथ्यों के आधार पर जवाब दिया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रा के खिलाफ FIR दर्ज करना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला है।
उन्होंने आगे आरोप लगाया कि कांग्रेस ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की धज्जियां उड़ाई हैं और इस मामले में महिलाओं के प्रति भी विरोधात्मक रवैया अपनाया है।
भवानजी ने कहा कि लोकतंत्र में सरकार और राजनीतिक दलों के दावों की स्वतंत्र रूप से जांच-पड़ताल करना नागरिकों का अधिकार है। उन्होंने कांग्रेस से इस मामले में अपना पक्ष स्पष्ट करने की मांग की।


