मुंबई वार्ता संवाददाता

हल्द्वानी में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे के कार्यक्रम के बाद कथित ‘शुद्धिकरण’ किए जाने के मामले को लेकर मुंबई कांग्रेस ने उत्तराखंड की धामी सरकार और केंद्र की मोदी सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस का आरोप है कि घटना को करीब 15 दिन बीत जाने के बावजूद कथित दोषियों के खिलाफ अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।


मुंबई उत्तर-पश्चिम जिला कांग्रेस कमिटी की जिला अध्यक्ष भावना जैन ने कहा कि इस कथित जातिवादी और अपमानजनक कृत्य के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज करना राजनीतिक बदले की कार्रवाई है। कांग्रेस ने इसे लेकर ‘उल्टा चोर कोतवाल को डांटे’ वाली स्थिति करार दिया है।
कांग्रेस ने सवाल उठाया कि क्या भाजपा शासित सरकारों में दलितों और वंचितों का अपमान करने वालों के लिए अलग कानून है? पार्टी का आरोप है कि सत्ता के संरक्षण में जातिवादी मानसिकता को बढ़ावा दिया जा रहा है।
■ 1 सितंबर को अंधेरी में निषेध आंदोलन
अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी और मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष वर्षा गायकवाड़ के निर्देश पर मुंबई उत्तर-पश्चिम जिला कांग्रेस कमिटी की ओर से इस कथित दोहरे मापदंड, जातिगत भेदभाव और राजनीतिक प्रतिशोध के विरोध में आंदोलन किया जाएगा।
■ आंदोलन का कार्यक्रम:
दिनांक: 1 सितंबर 2026, मंगलवार
समय: शाम 5 बजे
स्थान: आकाश स्वीट्स, अंधेरी पूर्व रेलवे स्टेशन के बाहर, अंधेरी पूर्व, मुंबई
■ कांग्रेस की प्रमुख मांगें
कांग्रेस ने सरकार के सामने कई मांगें रखी हैं। इनमें हल्द्वानी में कथित जातिवादी एवं अपमानजनक कृत्य करने वालों के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई, राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज FIR को वापस लेना और कथित दोषियों को राजनीतिक संरक्षण देना बंद करना शामिल है।
पार्टी ने संविधान और समानता के अधिकार को सर्वोच्च प्राथमिकता देने तथा जातिगत भेदभाव के खिलाफ कठोर कार्रवाई की भी मांग की है।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष भावना जैन ने कहा कि जातिवाद के खिलाफ आवाज उठाना अपराध नहीं है और कांग्रेस संविधान एवं सामाजिक न्याय की लड़ाई सड़क से लेकर सदन तक जारी रखेगी।


