श्रीश उपाध्याय/मुंबई वार्ता

मुंबई पुलिस के मालाबार हिल पुलिस थाने ने रेलवे प्रशासन की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए फर्जी लेटरहेड, नकली हस्ताक्षर और जाली मुहरों का इस्तेमाल कर रेलवे के वीआईपी (डी.आई.पी.) कोटे से टिकट हासिल करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है।


पुलिस के अनुसार, रेलवे प्रशासन की शिकायत के आधार पर मालाबार हिल पुलिस थाने में गुन्हा क्रमांक 90/2026 दर्ज किया गया है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
तकनीकी जांच और गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने उत्तर प्रदेश, गुजरात और मुंबई में छापेमारी कर आरोपियों को गिरफ्तार किया।
■ गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है—
● अमरीश ईश्वरलाल ठक्कर (49 वर्ष) – मुख्य साजिशकर्ता
● तारीक मेहबूब खान (33 वर्ष)
● दीपक कुमार कन्हैयालाल यादव (27 वर्ष)
● विनय विक्रम सिंह रावत (24 वर्ष)
● सागर ईश्वरलाल ठक्कर (32 वर्ष)
● क्षत्रुंजय रामकुमार यादव उर्फ अनुप उर्फ मोहन (34 वर्ष)
जांच में यह भी सामने आया कि मुख्य आरोपी के खिलाफ वापी और मुंबई सेंट्रल रेलवे पुलिस थाने में भी इसी तरह के अपराध पहले से दर्ज हैं।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 12 मोबाइल फोन, 1 लैपटॉप, 16 सिम कार्ड, 70 क्रेडिट/डेबिट कार्ड, 400 से अधिक लोगों की वीआईपी रेलवे टिकट बुकिंग से संबंधित गोपनीय जानकारी वाला डेटाबेस, 2 नकली मुहरें, 5 आधार कार्ड और 2 स्टैंप पैड समेत अन्य सामग्री जब्त की है।
पुलिस का कहना है कि आरोपी फर्जी लेटरहेड, जाली हस्ताक्षर और नकली मुहरों के जरिए रेलवे अधिकारियों के नाम पर दस्तावेज तैयार कर वीआईपी कोटे से टिकट हासिल करते थे। मामले की आगे की जांच जारी है।
यह कार्रवाई मुंबई पुलिस आयुक्त देवेन भारती, सह पुलिस आयुक्त मनोज कुमार शर्मा (लॉ एंड ऑर्डर), अतिरिक्त पुलिस आयुक्त शैलेश बलकवडे, पुलिस उपायुक्त (दक्षिण परिमंडल-2) रागसुधा आर. तथा सहायक पुलिस आयुक्त सुमन वचाण के मार्गदर्शन में मालाबार हिल पुलिस थाने की टीम ने सफलतापूर्वक अंजाम दी।


