मुंबई वार्ता/श्रीश उपाध्याय

मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद वर्षा गायकवाड़ ने राज्य की पुलिस व्यवस्था को लेकर महायुति सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि महाराष्ट्र पुलिस बल में 16 हजार से अधिक पद रिक्त होने के कारण कानून-व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक होती जा रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री देवेंद्र फडणवीस से समयबद्ध योजना बनाकर सभी रिक्त पदों पर जल्द भर्ती करने की मांग की।


वर्षा गायकवाड़ ने कहा कि मुंबई और महाराष्ट्र पुलिस की देशभर में अलग पहचान रही है, लेकिन भाजपा महायुति सरकार के कार्यकाल में पुलिस की छवि कमजोर हुई है। उनका आरोप है कि राजनीतिक हस्तक्षेप और दबाव के कारण पुलिस बल प्रभावी ढंग से काम नहीं कर पा रहा है। ऐसे में बड़ी संख्या में रिक्त पद कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावित कर रहे हैं।


उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भले ही कानून-व्यवस्था मजबूत होने का दावा कर रही हो, लेकिन वास्तविक स्थिति चिंताजनक है। महिलाओं की सुरक्षा गंभीर चुनौती बनी हुई है। घर और सार्वजनिक स्थानों पर महिलाएं खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रही हैं। इसके अलावा साइबर अपराध लगातार बढ़ रहे हैं और यातायात व्यवस्था पर भी भारी दबाव है।
उन्होंने दावा किया कि अपराध के मामलों में महाराष्ट्र देश में दूसरे स्थान पर है, जबकि पुलिस बल गंभीर मानव संसाधन संकट से जूझ रहा है।
गायकवाड़ ने कहा कि पुलिसकर्मियों से 12 से 14 घंटे तक लगातार काम कराया जा रहा है, जिससे उन पर अत्यधिक मानसिक और शारीरिक दबाव पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि केवल सीमित स्टाफ के भरोसे कानून-व्यवस्था को प्रभावी ढंग से बनाए रखना संभव नहीं है।
सांसद वर्षा गायकवाड़ ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर राजनीतिक गतिविधियों में व्यस्त रहने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार को गृह विभाग को मजबूत बनाने पर ध्यान देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि पुलिस आधुनिकीकरण के दावे केवल कागजों तक सीमित हैं। राज्य में 16 हजार से अधिक रिक्त पद केवल आंकड़े नहीं, बल्कि महाराष्ट्र की सुरक्षा पर बड़ा सवाल हैं। उन्होंने सरकार से सभी रिक्त पदों पर तत्काल भर्ती कर पुलिस बल को वास्तविक रूप से सक्षम बनाने की मांग की।


