■ कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने बारामती जाकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं से संवाद किया.
मुंबई वार्ता संवाददाता

बारामती विधानसभा उपचुनाव लड़ने को लेकर कांग्रेस पार्टी की स्पष्ट और ठोस भूमिका थी तथा कार्यकर्ताओं में भी भारी उत्साह था, इसलिए उम्मीदवार खड़ा किया गया था। लेकिन महाराष्ट्र की राजनीतिक परंपरा, संस्कृति और सभ्यता को ध्यान में रखते हुए तथा सभी के अनुरोध का सम्मान करते हुए दिवंगत नेता अजित पवार को श्रद्धांजलि देने की भावना से उम्मीदवार का नामांकन वापस लिया गया है। बारामती से कांग्रेस उम्मीदवार का नाम वापस लेना अंत नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत है। जिस प्रकार देश की सीमाओं की रक्षा के लिए सैनिक लड़ता है, उसी प्रकार कांग्रेस कार्यकर्ता संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष कर रहा है, ऐसा कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा।


कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने आज बारामती कांग्रेस कार्यालय में जाकर विधानसभा उपचुनाव से नामांकन वापस लेने वाले कांग्रेस उम्मीदवार एडवोकेट आकाश मोरे सहित अन्य इच्छुक उम्मीदवारों, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से मुलाकात की तथा उनका अभिनंदन किया।


इस अवसर पर पुणे ग्रामीण जिलाध्यक्ष श्रीरंग चव्हाण, जिला कार्याध्यक्ष लहू अण्णा निवंगने, बारामती शहराध्यक्ष अशोक इंगुले, महासचिव राहुल वाबळे, कमलाकर सातव, गोविंद मिरगे, युवक कांग्रेस के प्रदेश सचिव वीरधवल गाडे तथा पुणे जिले के कांग्रेस पार्टी के अन्य प्रमुख पदाधिकारी, तालुका अध्यक्ष और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे।
इस दौरान उपस्थित कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए सपकाल ने आगे कहा कि जब बारामती में चुनाव लड़ने का निर्णय लिया गया, तब विभिन्न स्तरों पर कांग्रेस की आलोचना की गई। यह तक कहा गया कि क्या बारामती में कांग्रेस को उम्मीदवार भी मिलेगा? लेकिन इसी बारामती से छह उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ने की इच्छा जताई थी, जिनमें से एडवोकेट आकाश मोरे को उम्मीदवार बनाया गया। इसके पीछे उद्देश्य कांग्रेस की विचारधारा और ‘हाथ’ के चुनाव चिन्ह को घर-घर तक पहुँचाना था। प्रतिकूल परिस्थितियों में भी कांग्रेस का विचार जिंदा है, यह बारामती के कार्यकर्ताओं ने साबित कर दिया है।
उपमुख्यमंत्री दिवंगत अजित पवार के दुर्घटना मामले की जांच के लिए एफआईआर दर्ज की जाए, यह कांग्रेस पार्टी की स्पष्ट मांग है और हम इस मांग से पीछे नहीं हटे हैं। अजित पवार की पार्टी सत्ता में है, लेकिन महाराष्ट्र में अब तक मामला दर्ज नहीं किया गया है। वहीं, कांग्रेस की कर्नाटक सरकार ने इस मामले में एफआईआर दर्ज की है और उसका आगे भी पालन किया जा रहा है। नामांकन वापस लेने के समय कर्नाटक के गृह मंत्री ने इस मामले की प्रगति की जानकारी ली और विधायक रोहित पवार ने भी उनसे मुलाकात की। इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता अतुल लोंढे भी उपस्थित थे। कांग्रेस अपने रुख से पीछे नहीं हटती, यही उसकी पहचान है, ऐसा भी हर्षवर्धन सपकाल ने कहा।


