मुंबई वार्ता/सतीश सोनी

खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने राज्य भर में बिना डॉक्टर के पर्चे के खांसी की दवाइयाँ बेचने वाले १३५ विक्रेताओं के खिलाफ निरीक्षण अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत, राज्य भर के 157 विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस भेजकर १३५ दुकानों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।


खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा चलाए गए अभियान में, खांसी की दवाओं में विषाक्त तत्वों के आधार पर राज्य भर में २५७ दवा दुकानों का निरीक्षण किया गया। दोषी पाई गई दुकानों में से १३५ विक्रेताओं के खिलाफ कार्रवाई की गई।१५७ विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए।
मध्य प्रदेश और राजस्थान में बच्चों की मौतों के बाद, बाल रोगियों के लिए सभी खांसी की दवाइयाँ बिना डॉक्टर के पर्चे के नहीं बेची जानी चाहिए, और खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने राज्य के सभी खुदरा दवा विक्रेताओं और उनके संघों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि औषधि एवं प्रसाधन सामग्री नियम, १९४५ के तहत अनुसूची H, अनुसूची H1 और अनुसूची X की दवाइयाँ केवल डॉक्टर के पर्चे के साथ ही बेची जाएँ।खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने घोषणा की थी कि नियमों का पालन न करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
इसके बाद भी, मुंबई, ठाणे और कल्याण में कई दवा विक्रेता बिना डॉक्टर के पर्चे के खांसी की दवाएँ बेच रहे थे। इसी के चलते, खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने राज्य में दवा विक्रेताओं के खिलाफ अभियान शुरू किया है।


