मुंबई वार्ता संवाददाता

मुंबई के बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का बड़ा मामला सामने आया है। इस फर्जी भर्ती घोटाले में सांगली के एक व्यवसायी से ₹33 लाख की ठगी की गई, जबकि कुल 36 अन्य लोग भी जालसाजों के शिकार हुए हैं। इस मामले में कुर्ला पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज की गई है।


सांगली निवासी 50 वर्षीय अनिलकुमार कृष्णाराव गोंजारी ने पुलिस को बताया कि आरोपियों ने बीएमसी के एल वार्ड (कुर्ला) में नौकरी दिलाने का भरोसा दिया। मुख्य आरोपी माया नरेंद्र चव्हाण ने खुद को संपर्कों वाला बताते हुए अलग-अलग पदों के लिए तय रकम बताई।चपरासी पद के लिए ₹1.70 लाख,क्लर्क पद के लिए ₹1.80 लाख,आरए क्लर्क व हेड क्लर्क: के लिए ₹2.50 लाख वसूले।


एफआईआर के अनुसार, उम्मीदवारों को वार्ड ऑफिस ले जाकर कथित अधिकारियों से मिलवाया गया। इनमें राहुल जाधव भी शामिल था, जिसने खुद को इंजीनियर बताया। पैसों का लेनदेन मुख्य रूप से माया चव्हाण के बेटे प्रथमेश चव्हाण और सहयोगी सुरेंद्र गुरव के जरिए हुआ।उम्मीदवारों को घाटकोपर के एक अस्पताल में मेडिकल जांच के लिए भेजा गया, जहां प्रति उम्मीदवार ₹10,000 नकद लिए गए।
गोंजारी का दावा है कि उन्होंने कई महीनों में ₹24.68 लाख ऑनलाइन ट्रांसफर किए और ₹8.3 लाख नकद दिए। जब नियुक्ति पत्र नहीं मिला, तो आरोपियों ने एक नोटरीकृत हलफनामा बनाकर रकम लौटाने का वादा किया, लेकिन पैसा वापस नहीं किया ।पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है और जांच जारी है।
इस मामले के आरोपी में, माया नरेंद्र चव्हाण, प्रथमेश नरेंद्र चव्हाण,सुरेंद्र सीताराम गुरव, राहुल जाधव, प्रशांत जगन्नाथ सुतार, सोमेश्वर इबितवार को गिरफ्तार किया गया है।पुलिस अन्य पीड़ितों से भी संपर्क कर रही है और ठगी की पूरी राशि व नेटवर्क की जांच की जा रही है।


