श्रीश उपाध्याय/मुंबई वार्ता

मुंबई क्राइम ब्रांच ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जो कि बैंक अकाउंट खरीद कर साइबर फ्रॉड को अंजाम दिया करते थे। पुलिस ने 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस बात जानकारी एक पत्रकार सम्मेलन के दौरान दी गई है ।


मुंबई क्राइम ब्रांच-2 को गुप्त जानकारी मिली थी कि कुछ लोग बैंक अकाउंट खरीद कर साइबर फ्रॉड को अंजाम दे रहे हैं। इसी जानकारी के आधार पर पुलिस ने डी. जी. सर्ज कॉन्सलटेन्सी और प्रेरित लॉजिस्टिक प्राइवेट लिमिटेड नामक दो संस्थानों पर छापा मारा। छापेमारी के दौरान पुलिस को 2 लैपटॉप, 1 प्रिंटर, 25 मोबाइल फोन, विभिन्न बैंकों के 25 पासबुक ,30 चेक बुक , 46 ATM कार्ड, 104 मोबाइल सीम कार्ड समेत कई संबंधित सामान मिले। पुलिस ने मौके से 5 आरोपियों वैभव पटेल, सुनील पासवान, अमन कुमार गौतम, खुशबू सदरजुला और रितेश बांदेकर को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों से पूछताछ के आधार पर 7 अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया गया है।


प्राप्त जानकारी के अनुसार आरोपी उक्त बैंक खाते 7 से 8 हज़ार में खरीदते थे और इनका उपयोग साइबर फ्रॉड के लिए करते थे। मिले बैंक खातों में से सिर्फ मुंबई के बैंक खातों से रू 1,67,44,949 की हेराफेरी की गई है। इसके अलावा महाराष्ट्र के बैंक खातों से रू 10 57,32,791 और देश भर के बैंक खातों से रू 60,82,75 ,026 की हेराफेरी की गई है। पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है।
मुंबई पुलिस आयुक्त देवेन भारती, सह पुलिस आयुक्त (अपराध) लखमी गौतम, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त शैलेश बालकवडे, पुलिस उपायुक्त राज तिलक रौशन, सहायक पुलिस आयुक्त दिनकर सीलवटे के निर्देशानुसार उक्त कार्रवाई मुंबई क्राइम ब्रांच 2 के प्रभारी पुलिस निरीक्षक दिलीप तेज़नकर की टीम ने की है।



बुरे काम का बुरा नतीजा