मुंबई वार्ता/श्रीश उपाध्याय

बॉम्बे हाई कोर्ट ने Sahara Hospitality Limited बनाम बृहन्मुंबई महानगरपालिका मामले में अहम अंतरिम आदेश दिया है। अदालत ने कहा है कि कंपनी यदि तय समय में बकाया राशि जमा करती है, तो उसके परिसर का पानी कनेक्शन तुरंत बहाल किया जाएगा। साथ ही संबंधित नोटिस और अटैचमेंट आदेशों पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी गई है।


■ क्या है मामला?
याचिकाकर्ता Sahara Hospitality Limited ने नगर निगम द्वारा की गई कार्रवाई को चुनौती दी थी। निगम का आरोप था कि कंपनी की संपत्तियों पर अवैध निर्माण पाए गए और टैक्स बकाया है, जिसके चलते नोटिस जारी किए गए। साथ ही पानी की सप्लाई भी काट दी गई।याचिकाकर्ता का पक्षकंपनी की ओर से वरिष्ठ वकील ने दलील दी कि पानी की सप्लाई काटना कंपनी के लिए “सिविल डेथ” जैसा है।
उन्होंने यह भी कहा कि 2001 से कथित बकाया को 2026 में पहली बार “प्रोविजनल असेसमेंट” के नाम पर वसूला जा रहा है, जो प्रक्रिया के विरुद्ध है।नगर निगम का पक्षनगर निगम की ओर से कहा गया कि निरीक्षण में अवैध निर्माण पाए गए और नोटिस के बावजूद कंपनी ने जवाब नहीं दिया। इसलिए कार्रवाई की गई।


■ अदालत का आदेश
मुख्य न्यायाधीश की पीठ ने कहा कि:कंपनी 4 हफ्तों के भीतर 23.89 करोड़ रुपये अदालत में जमा करे।राशि जमा करने और अंडरटेकिंग देने पर पानी कनेक्शन तुरंत बहाल किया जाएगा।निगम द्वारा जारी नोटिस और अटैचमेंट आदेश अगली सुनवाई तक स्थगित रहेंगे।जवाबी हलफनामा 4 हफ्तों में दाखिल किया जाए।मामले की अगली सुनवाई 6 हफ्ते बाद होगी।यह आदेश मुख्य न्यायाधीश और जस्टिस आरती साठे की खंडपीठ ने पारित किया है।


