मुंबई वार्ता संवाददाता

यश भारत’आज मुझे अत्यंत प्रसन्नता हो रही है कि हमें सबके पिता और भारतीय संस्कृति के प्रणेता भगवान ऋषभदेव के ’ऋषभायन’ कार्यक्रम में सम्मिलित होने का अवसर मिला। इस समय ‘ऋषभयान’ पुस्तक का विमोचन अत्यंत महत्वपूर्ण है, जो हमें जीवन जीने की दिशा, साहित्य, कला और संस्कृति का व्यापक दृष्टिकोण प्रदान करती है। साथ ही, एक हजार एक सौ ग्यारह पुस्तकों का लोकार्पण प्रशंसनीय कार्य है।’ मुख्यमंत्री ने यह उद्गार बोरीवली पश्चिम स्थित कोराकेंद्र मैदान में आयोजित ‘ऋषभायन’ कार्यक्रम में व्यक्त किए।


इस अवसर पर जैनाचार्य यशोवर्म सुरीश्वरजी महाराज साहेब, आचार्य नयन पद्मसागर महाराज साहेब, आचार्य लोकेश मुनिजी महाराज साहेब, दंडीस्वामी परम पूज्य जितेंद्र आनंद सरस्वतीजी, सिख संप्रदाय के पूज्य ज्ञानी रामसिंहजी राठौड़ (गुजरात इंचार्ज), संत शिरोमणि दिव्य प्रकाश दास जी, पीठाधीश्वर अवधूत बाबा अरुण गिरिजी महाराज जी, महामंडलेश्वर राजेंद्र नामगिरिजी महाराज, पंढरपुर के स्वामी देवव्रत जी, स्वामी भरतानंद जी, परम पूज्य स्वरूपन जी, स्वामीनारायण संप्रदाय के संत कोठारी स्वामी जी, बोधिसत्व संत महाराज सहित अनेक पूज्य संत उपस्थित रहे।मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सभी पूज्य संतों का आशीर्वाद प्राप्त किया।


इस दौरान जैनाचार्य श्री यशोवर्म सुरीश्वरजी महाराज साहेब और आचार्य भगवंत श्री नयन पद्मसागर महाराज साहेब द्वारा मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का सम्मान किया गया। कार्यक्रम में महाराष्ट्र सरकार के मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा, विधायक संजय उपाध्याय और विधायक मनीषाताई चौधरी सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।सर्वधर्म ग्रुप की ओर से ‘ऋषभायन’ कार्यक्रम के अंतर्गत एक भव्य ऐतिहासिक एवं धार्मिक प्रदर्शनी का आयोजन भी किया गया।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने प्रदर्शनी का उद्घाटन कर उसका निरीक्षण किया और कहा कि इस सराहनीय पहल से युवा पीढ़ी को आवश्यक मार्गदर्शन प्राप्त होगा।इस तीन दिवसीय कार्यक्रम में आगामी दिनों में केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल, महाराष्ट्र के मंत्री चंद्रकांत दादा पाटिल, गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति प्रस्तावित है। कार्यक्रम का संचालन पुण्यश्राविका सुश्री सेजल बेन ने किया।



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