मुंबई वार्ता संवाददाता

घाटकोपर (ईस्ट) स्थित पारसधाम, वल्लभबाग लेन में भगवान महावीर पशु रक्षा केंद्र, एंकरवाला अहिंसाधाम के तत्वावधान में श्री महेन्द्रभाई सांगोई द्वारा “सुख का पता” विषय पर एक व्याख्यान का आयोजन किया गया।इस कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री धीरुभाई मणिलाल पूज ने की।


विशिष्ट अतिथि के रूप में श्री जठालाल लक्ष्मिचंद देढिया, नरेंद्र बाबूलाल शेट, चि. मिथिल बीजल राजू देढिया, वल्लभदास लीलाधरभाई भद्रा, चेतन चंदुलाल शाह उपस्थित थे।सभी महानुभावों का सम्मान किया गया, और श्री धीरुभाई पूंज का विशेष सम्मान श्री भोगीलाल त्रिवेदीया द्वारा किया गया।


अपने व्याख्यान में श्री महेन्द्रभाई ने कहा कि सामाजिक कार्यों और संस्थाओं के विकास के लिए युवाओं को आगे आना चाहिए।व्यक्ति को अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहना चाहिए, योग साधना और मानसिक विकास के लिए प्रयासरत रहना चाहिए।


कर्म सिद्धांत के बारे में बोलते हुए उन्होंने कहा कि इस जन्म में किसी ने जो नुकसान पहुँचाया हो, वह पिछले जन्म के कर्मों का फल हो सकता है।हमें बिना द्वेष के उसे स्वीकार करना चाहिए।पर्यावरण की संतुलन बिगड़ गई है; रासायनिक खादों के अति प्रयोग से कैंसर जैसी बीमारियाँ उत्पन्न हो रही हैं।इसका समाधान केवल देशी खाद और देशी बीजों के उपयोग से संभव है।
अहिंसाधाम के बारे में संक्षेप में बताते हुए उन्होंने कहा कि यह संस्था पशु, जल, भूमि और पर्यावरण आधारित कार्य करती है।जीवदया प्रेमियों और पर्यावरण प्रेमियों के उद्देश्य से यह गेट-टुगेदर आयोजित किया गया था।


