मुंबई वार्ता संवाददाता

अंडरवर्ल्ड डॉन अबू सलेम ने अपने बड़े भाई के निधन के बाद इमरजेंसी परोल की मांग को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख किया है। उसने उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जाकर पारिवारिक रस्मों में शामिल होने की अनुमति मांगी है।याचिका के अनुसार, अबू सलेम के बड़े भाई अबू हाकिम अंसारी का 14 नवंबर 2025 को निधन हो गया था। सलेम ने उन्हें पिता समान बताते हुए कहा है कि वह 40वें दिन की रस्में, कुरान ख्वानी, कब्रिस्तान में दुआ और परिवार से मिलने के लिए अस्थायी रूप से जेल से बाहर जाना चाहता है।


इस मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति ए.एस. गडकरी और न्यायमूर्ति श्याम सी. चांडक की खंडपीठ के समक्ष हुई। अदालत ने टिप्पणी की कि मुस्लिम परंपरा के अनुसार 40 दिनों की अवधि पहले ही पूरी हो चुकी है। इस पर सलेम की ओर से पेश अधिवक्ता फरहाना शाह ने दलील दी कि याचिका समय पर दायर की गई थी, लेकिन शीतकालीन अवकाश के कारण उस पर सुनवाई नहीं हो सकी।


● जेल प्रशासन ने आवेदन क्यों किया खारिज
अबू सलेम ने याचिका में कहा है कि उसके भाई की तबीयत पिछले तीन महीनों से गंभीर थी। इस दौरान उसने जेल अधीक्षक से नियमित परोल प्रक्रिया तेज करने का अनुरोध किया था, लेकिन निर्णय आने से पहले ही भाई का निधन हो गया। इसके बाद इमरजेंसी परोल के लिए किया गया आवेदन जेल अधिकारियों ने खारिज कर दिया।सलेम ने 1 दिसंबर को एडीजीपी के समक्ष अपील की थी, जहां उसे एस्कॉर्ट पार्टी के साथ जाने की अनुमति दी गई।
हालांकि, लाखों रुपये के एस्कॉर्ट खर्च का वहन न कर पाने के कारण वह इस सुविधा का लाभ नहीं उठा सका। बाद में डीआईजी (प्रिजन) ने भी उसका आवेदन यह कहते हुए खारिज कर दिया कि वह फ्लाइट रिस्क है और कोई उपयुक्त जमानतदार उपलब्ध नहीं है।
● पहले भी मिल चुकी है परोल
अबू सलेम ने अदालत को बताया कि वर्ष 2009 और 2011 में उसकी मां और खाला के निधन पर उसे परोल दी गई थी और उसने तय समय पर जेल में आत्मसमर्पण किया था। वह वर्ष 2005 से नासिक सेंट्रल जेल में बंद है।1993 मुंबई धमाकों से जुड़ा मामलाअबू सलेम को 1993 के मुंबई सीरियल धमाकों और 1995 में बिल्डर प्रदीप जैन की हत्या के मामलों में दोषी ठहराया गया है।
पुर्तगाल से प्रत्यर्पण के बाद उसकी उम्रकैद की सजा को 25 वर्ष में परिवर्तित किया गया था। सलेम ने हाल ही में यह स्पष्ट करने के लिए भी याचिका दायर की है कि उसकी सजा की अवधि कब पूरी होगी, जिस पर अभी सुनवाई लंबित है।


