उद्धव ठाकरे निर्विरोध चुने गए तो सब ठीक, दूसरे चुने गए तो गलत – दीपक केसरकर।

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■ संजय राउत की तबीयत की दोबारा जांच होनी चाहिए, बहकी-बहकी बातें कर रहे हैं – दीपक केसरकर.

मुंबई वार्ता संवाददाता

महानगरपालिका चुनाव के दौरान उबाठा गुट के नेताओं द्वारा लगातार भ्रम फैलाने की कोशिश की जा रही है। कभी गलत जानकारी फैलाई जा रही है, तो कभी छत्रपति शिवाजी महाराज के नाम पर राजनीति की जा रही है। उबाठा की इस गैर-जिम्मेदाराना बयानबाजी पर शिवसेना के पूर्व मंत्री एवं विधायक दीपक केसरकर ने कड़ी नाराज़गी जताते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी।

मुंबई में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में दीपक केसरकर ने कहा कि उबाठा के नेता महाराष्ट्र की बदनामी करने में लगे हुए हैं। उनके पास विकास से जुड़ा कोई मुद्दा नहीं है, इसलिए वे लगातार भ्रामक और गैर-ज़रूरी बयान दे रहे हैं। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में शिवसेना की राष्ट्रीय प्रवक्ता शायना एन. सी. भी उपस्थित थीं।

दीपक केसरकर ने उबाठा नेताओं से सवाल करते हुए कहा कि जब उद्धव ठाकरे निर्विरोध चुने जा सकते हैं, तो दूसरे उम्मीदवार क्यों नहीं? बार-बार चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाना गलत है। चुनाव आयोग पूरी पारदर्शिता के साथ काम करता है और उसी पारदर्शिता के तहत सभी उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए हैं। उबाठा के पास कोई विकास का एजेंडा नहीं है, जबकि महायुति विकास के मुद्दों के साथ आगे बढ़ रही है, इसी कारण जनता का विश्वास महायुति पर है।

संजय राउत के बयानों पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए दीपक केसरकर ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज केवल महाराष्ट्र के नहीं, बल्कि पूरे देश के हैं। महापुरुषों के नाम पर जिस तरह की राजनीति संजय राउत कर रहे हैं, उससे लगता है कि उनकी तबीयत अभी भी ठीक नहीं है। उन्हें दोबारा जांच करानी चाहिए ताकि वे इस तरह की बहकी-बहकी बातें करना बंद करें।

उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में छत्रपति शिवाजी महाराज को सर्वोच्च सम्मान दिया गया है। भारतीय नौसेना के बोधचिन्ह पर शिवाजी महाराज का प्रतीक शामिल किया गया, जो इससे पहले किसी भी सरकार ने नहीं किया था।

■ शिवसेना की राष्ट्रीय प्रवक्ता शायना एन. सी. ने उबाठा पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछले २५ वर्षों में मुंबई को गड्ढों में डालने का काम किया गया। लेकिन अब शिवसेना के मुख्य नेता और राज्य के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मुंबई को गड्ढे-मुक्त करने का संकल्प लिया है। इसके तहत काम शुरू हो चुका है और वर्ष २०२७ तक मुंबई की सभी सड़कें गड्ढे-मुक्त होंगी।

उन्होंने आगे बताया कि उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक की एक अहम बैठक में मुंबई के लिए एक विस्तृत ब्लू-प्रिंट तैयार किया गया है। इस ब्लू-प्रिंट के तहत सड़कों और परिवहन व्यवस्था से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं, जो मुंबईकरों को बड़ी राहत देंगे।

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