■ पांच अवैध क्लीनिक को किया सील,5 झोलाछाप डॉक्टरों पर दर्ज कराया गया मुकदमा।
■ शहर में मातृ मृत्यु और शिशु मृत्यु दर को नियंत्रित करने हेतु शुरू हुआ मुहिम, बोगस डॉक्टरों की भरमार।
मुंबई वार्ता संवाददाता।भिवंडी

भिवंडी मनपा स्वास्थ्य विभाग ने शहर में मातृ मृत्यु और शिशु मृत्यु दर को नियंत्रित करने के उद्देश्य से बोगस डॉक्टरों व अवैध दवाखानों पर कार्रवाई की शुरुआत की है।जिसके तहत शहर के अलग अलग हिस्से में मनपा वैद्यकीय विभाग ने मंगलवार को अवैध रूप से संचालित किए जा रहे पांच क्लीनिकों पर धड़ाकेदार कार्रवाई करते हुए उन्हें तत्काल सील कर दिया।साथ ही इसे संचालित करने वाले 5 बोगस डॉक्टरों पर पुलिस स्टेशन में केस दर्ज करवाया है।इसके बाद बोगस डॉक्टरों में भूकंप आ गया है।


भिवंडी मनपा अन्तर्गत क्षेत्र में बढ़ते मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को नियंत्रित करने के उद्देश्य से आयुक्त अनमोल सागर के निर्देशानुसार मनपा के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संदीप गडेकर के मार्गदर्शन में मनपा के नोडल अधिकारी डॉ. जयवंत धुले, शहर क्षय रोग अधिकारी डॉ बुशरा सय्यद,चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रिया फड़के और चिकित्सा अधिकारी डॉ. रुकय्या कुरैशी ने प्राप्त शिकायत के अनुसार 16 जुलाई को मनपा की मेडिकल टीम और पुलिस विभाग के साथ मिलकर शहर में अलग-अलग स्थानों पर अवैध रूप से क्लीनिक चला रहे 5 फर्जी डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की।
इस दौरान डाॅ. शबनम सिद्दीकी(आयशा मल्टीस्पेशालिस्ट क्लीनिक, न्यू आजाद नगर), डॉ.इरम अताउल्लाह शेख( मरियम केयर क्लिनिक, गायत्रीनगर), डॉ. रिजवान अंसारी(कादरिया मस्जिद के पास, न्यू आजाद नगर), डॉ. गुलशन शेख(शिफा क्लिनिक, मुमताज नगर, संजय नगर) और डॉ. राजन चौरसिया(साई होम्योपैथिक क्लिनिक एंड मल्टीस्पेशालिटी सेंटर, गैबीनगर)नामक दवाखाना को सील कर दिया गया हैं। इन सभी क्लीनिकों में न तो कोई वैध पंजीकरण प्रमाणपत्र था और न ही संबंधित डॉक्टरों के पास मान्य चिकित्सीय योग्यता थी। कुछ स्थानों पर मरीजों को गैरकानूनी रूप से भर्ती भी किया जा रहा था।
मनपा की टीम ने मौके पर ही कार्रवाई करते हुए सभी पांच क्लीनिक सील कर दिए और संबंधित डॉक्टरों के खिलाफ बॉम्बे नर्सिंग होम रजिस्ट्रेशन एक्ट 1949 और महाराष्ट्र शुश्रुषागृह नोंदणी (संशोधित) नियम 2021 के तहत कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। मनपा ने नागरिकों से अपील की है कि वे ऐसे अवैध क्लीनिकों और झोलाछाप डॉक्टरों से दूर रहें। यदि कहीं ऐसी कोई जानकारी मिले तो तुरंत मनपा को सूचित करें ताकि समय रहते उचित कार्रवाई की जा सके।
गौरतलब है कि मजदूर बाहुल्य भिवंडी शहर में झोलाछाप डाॅक्टरों की भरमार है।जो बिना किसी मेडिकल दस्तावेज के अथवा दूसरों के नाम का बोर्ड व शार्टिफिकेट लगाकर स्लम व मजदूर बस्तियों में अपनी क्लीनिक खोलकर मरीजों को अनाप सनाप दवाइयां देकर इलाज के नाम पर मरीजों के जीवन से न खिलवाड़ कर रहे है।बल्कि मरीजों से मोटी रकम ऐंठ कर मालामाल हो रहे है।इन डॉक्टरों के कारण अब तक कई मरीजों की मौत होने की घटनाएं शहर में घटित हो चुकी है।
काफी दिनों तक बंद कार्रवाई के बाद मनपा स्वास्थ्य विभाग पुनः एक्शन में आ गया और छोला छाप डॉक्टरों की धरपकड़ मुहिम शुरू की है।इसके लिए मनपा स्वास्थ्य विभाग ने मनपा चिकित्सा अधिकारी डॉ.जयवंत धुले की नेतृत्व में एक टीम का गठन किया है।जो लगातार बोगस डॉक्टरों पर नकेल कसेंगे।


