श्रीश उपाध्याय/मुंबई वार्ता

रिश्वतखोरी कर अंधा बने मुंबई महानगर पालिका अधिकारी के निर्णय पर मुंबई उच्च न्यायालय ने रोक लगाकर फ़िलहाल उसका धंधा रोक दिया है।मुंबई महानगर पालिका एस्टेट विभाग के सहायक मनपा आयुक्त पृथ्वीराज चव्हाण ने फर्जी कागजात की अनदेखी कर जिस क्लश्चर डेवलपमेंट को एक विशेष बिल्डर की झोली में डाला था, मुंबई उच्चन्यायालय ने उसके निर्णय पर रोक लगा दी है।


मुंबई मनपा E वार्ड के अंतर्गत मौलाना आजाद रोड, बापू राव जगताप मार्ग पर CS क्रमांक 1968,1969 और 1975 पर अल-मक्का सोसाइटी स्थित है। इस सोसाइटी के अंतर्गत कुल 287 मनपा के टेनेंट रहते हैं. इस सोसाइटी नें 30-11-2022 को हाईरॉक बिल्डर से रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट का करार किया था। रीडिवेलपमेंट करार के लिए 50 प्रतिशत टेनेंट का अनुबंध जरूरी होता है। सोसाइटी और बिल्डर अभी अनुबंध कर ही रहे थे कि वर्ष 15/8/2024 को इसी प्लॉट पर सवेरा को ऑप हाउसिंग सोसाइटी बनाकर कुछ लोगों ने NDW डेवलपर को मनोनीत किया और अपना प्रपोजल मनपा में भरा। सवेरा सोसाइटी नें 287 में से 174 सोसाइटी सदस्यों का अनुबंध मनपा के समक्ष रखा।


अल-मक्का सोसाइटी के अशरफ ने इस पर आक्षेप लेते हुए मनपा से शिकायत की। मामले की छानबीन की जवाबदारी मनपा के एस्टेट विभाग को सौपी गई। मक्का सोसाइटी नें आरोप लगाया कि जिन लोगों की सहमती से संबंधित नोटरी कागजात बनाए गए हैं। वे कागजात ही अवैध है।


एक आरटीआई से मिली जानकारी के अनुसार जिस नोटरी अधिकारी सैय्यद मोहम्मद नाजिर नकवी ने वर्ष 2024 में NDW और सवेरा सोसाइटी द्वारा उक्त सोसाइटी सदस्यों के अनुबंध नोटरी कर हस्ताक्षर किए, उस नोटरी अधिकारी नकवी की 8 अगस्त 2010 तक ही कानूनी वैद्यता थी। इस आधार पर NDW और सवेरा सोसाइटी द्वारा किए गए सभी अनुबंध ही अवैध है।इस आरटीआई के कागजात भी मामले की जांच कर रहे मनपा एस्टेट विभाग के मनपा सहायक आयुक्त पृथ्वीराज चव्हाण को दिए गए थे। लेकिन पृथ्वीराज चव्हाण की आँखों पर रिश्वतखोरी का पर्दा इस कदर छाया था कि उन्होंने इस बात को पूरी तरह दरकिनार कर पूरा प्रोजेक्ट NDW की झोली में डाल दिया।
अब अल-मक्का सोसाइटी की ओर से वकील चित्तेश डालमिया ने मुंबई उच्चन्यायालय में याचिका दायर की। माननीय उच्चन्यायालय ने 16 जून 2025 को उक्त मनपा अधिकारी के निर्णय पर रोक लगाते हुए पूरी परियोजना को “जस का तस” (status quo) का कथित आदेश दिया है।
अल-मक्का सोसाइटी के अशरफ ने मनपा सहायक आयुक्त पृथ्वीराज चव्हाण पर रिश्वतखोरी कर एकतरफ़ा निर्णय लेने का आरोप लगाया है।इन आरोपों के बारे में मनपा एस्टेट विभाग के सहायक आयुक्त पृथ्वीराज चव्हाण से फोन पर संपर्क करने की कोशिश की गई। उन्हें आरोप संबंधित संदेश भी Whats app किया गया लेकिन उन्होने कोई जवाब नहीं दिया ।
उक्त मामले पर NDW रियल एस्टेट से संपर्क करने पर ज्ञात हुआ कि NDW ने उक्त परियोजना रबरवाला को दे दी है। रबरवाला बिल्डर से बात करने की कोशिश की गई लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका।


