मुंबई वार्ता संवाददाता

“महाराष्ट्र के राजनीतिक क्षेत्र की शालिनता और सुसंस्कृत परंपरा को संजोकर उसे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठा दिलाने वाले वरिष्ठ नेता शिवराज पाटिल-चाकूरकर हमेशा स्मरणीय रहेंगे,” ऐसे शब्दों में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने लोकसभा के पूर्व अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री शिवराज पाटिल-चाकूरकर को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।


मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके निधन से राजनीति और समाजकारण के क्षेत्र में एक ऊँचे मार्गदर्शक नेता को हमने खो दिया है।अपने शोक संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा कि चाकूरकर ने लातूर नगराध्यक्ष के रूप में राजनीति में कदम रखा। इसके बाद उन्होंने महाराष्ट्र विधानसभा के उपाध्यक्ष और अध्यक्ष के रूप में महत्वपूर्ण भूमिकाएँ निभाईं। वे संसद की कई महत्वपूर्ण समितियों के सदस्य रहे। आगे चलकर उन्होंने केंद्र सरकार में विभिन्न मंत्रालयों का नेतृत्व किया और लोकसभा अध्यक्ष तथा पंजाब के राज्यपाल के रूप में भी कार्य किया। वे सात बार लोकसभा के लिए चुने गए। लोकसभा अध्यक्ष के रूप में उन्होंने संसद से जुड़े कई अभिनव उपक्रमों को बढ़ावा दिया।


उन्होंने कहा कि वकील होने के नाते चाकूरकर को संविधान का गहरा ज्ञान था। इसी के आधार पर उन्होंने लोकसभा की संसदीय कार्यप्रणाली को और अधिक मजबूत किया। सिद्धांतनिष्ठ, अध्ययनशील और दृढ़ता से अपनी बात रखने वाले नेता के रूप में उनका राष्ट्रीय राजनीति में विशेष सम्मान था। उनके निधन से राजनीति और समाज में शालीनता एवं सुसंस्कृत परंपरा को आगे बढ़ाने वाले, लोकतंत्र में गहरी आस्था रखने वाले एक वरिष्ठ नेता को महाराष्ट्र ने खो दिया है। यह चाकूरकर परिवार और उनके कार्यकर्ताओं के लिए भी गहरा आघात है।
“हम इस दुख की घड़ी में परिवार और उनके अनुयायियों के साथ खड़े हैं। ईश्वर से प्रार्थना है कि वह उन्हें इस आघात को सहने की शक्ति प्रदान करे। मैं वरिष्ठ नेता शिवराज पाटिल-चाकूरकर को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ,” ऐसा मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा।


