मुंबई वार्ता संवाददाता

बारामती का उपचुनाव लड़ना चाहिए, यह कांग्रेस पार्टी की स्पष्ट भूमिका थी। कांग्रेस का यह वैचारिक कदम उचित था और आगे बढ़ते रहना ही पार्टी की नीति है। लेकिन इसके साथ-साथ महाराष्ट्र की संस्कृति, आपसी समन्वय और सभ्यता का भी ध्यान रखना आवश्यक है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के दोनों गुटों के नेताओं ने संवाद स्थापित कर उम्मीदवार का नाम वापस लेने का अनुरोध किया था। इसके बाद राज्य के सभी प्रमुख नेताओं और पार्टी नेतृत्व से चर्चा कर कांग्रेस ने बारामती से अपनी उम्मीदवारी वापस लेने का निर्णय लिया है। आज भले ही हम दो कदम पीछे हटे हों, लेकिन 2029 के चुनाव में बारामती से कांग्रेस का विधायक होगा, ऐसा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा।


गांधी भवन में मीडिया से बातचीत करते हुए हर्षवर्धन सपकाल ने आगे कहा कि दिवंगत अजित पवार का कांग्रेस पार्टी से वर्षों पुराना संबंध रहा है। इसी संबंध को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस से उम्मीदवार वापस लेने का अनुरोध उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने किया। इसके अलावा उनके दल के वरिष्ठ नेता मंत्री छगन भुजबळ और पूर्व मंत्री धनंजय मुंडे ने भी फोन कर यही अनुरोध किया। राष्ट्रवादी कांग्रेस के मंत्री मकरंद आबा पाटिल, विधायक मनोज कायंदे, संजय खोडके, सना मलिक और राजेश विटेकर के प्रतिनिधिमंडल ने भी गांधी भवन आकर उम्मीदवार वापस लेने की अपील की।


राष्ट्रवादी कांग्रेस (शरद पवार गुट) के विधायक रोहित पवार ने भी सुबह मुलाकात कर यही आग्रह किया। सांसद सुप्रिया सुले ने भी फोन किया था और शरद पवार ने भी यही भावना व्यक्त की थी।उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से भी बातचीत की थी। उनके अनुरोध के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, पार्टी प्रभारी रमेश चेन्नीथला और राज्य के वरिष्ठ नेताओं से चर्चा कर यह निर्णय लिया गया।
बारामती से कांग्रेस ने भले ही अपनी उम्मीदवारी वापस ले ली हो, लेकिन अजित पवार के निधन की जांच होनी चाहिए, इस मांग पर पार्टी पूरी तरह कायम है। साथ ही, भाजपा जैसे विभाजनकारी और आक्रामक दल के साथ राष्ट्रवादी कांग्रेस द्वारा सत्ता के लिए किया गया गठबंधन स्वीकार्य नहीं है और इसका कांग्रेस द्वारा विरोध जारी रहेगा, ऐसा भी सपकाल ने स्पष्ट किया।पत्रकारों के एक सवाल के जवाब में हर्षवर्धन सपकाल ने बताया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का भी फोन आया था और उन्होंने बारामती चुनाव निर्विरोध कराने की अपील की थी।
उन्होंने “महाराष्ट्र की संस्कृति” का उल्लेख भी किया, लेकिन इस फोन और उम्मीदवारी वापस लेने के निर्णय का कोई संबंध नहीं है। भाजपा के प्रति कांग्रेस का विरोध जारी रहेगा।दिवंगत अजित पवार के अपघाती निधन मामले में कांग्रेस की भूमिका और कर्नाटक में कांग्रेस सरकार द्वारा दर्ज की गई एफआईआर को लेकर राष्ट्रवादी कांग्रेस (शरद पवार गुट) के विधायक रोहित पवार ने आभार व्यक्त किया। साथ ही पार्थ पवार द्वारा कांग्रेस के बारे में दिए गए बयान पर खेद जताया गया।
उनके बयान को किसी का समर्थन नहीं मिला है और उसे गैर-जरूरी व अपरिपक्व बताया गया।उम्मीदवारी वापस लेने से पहले हर्षवर्धन सपकाल ने बारामती उपचुनाव के कांग्रेस उम्मीदवार एडवोकेट आकाश मोरे समेत अन्य इच्छुक उम्मीदवारों और पार्टी कार्यकर्ताओं से वीडियो कॉल के जरिए संवाद कर उनकी राय ली और उसके बाद अंतिम निर्णय लिया।


