मुंबई वार्ता संवाददाता

पुणे जिले के भिगवण में एक युवती के कथित अपहरण प्रकरण के बाद महाराष्ट्र में ‘लव जिहाद’ का मुद्दा फिर से चर्चा में आ गया है। राज्य सरकार स्तर पर जबरन धर्मांतरण और लव जिहाद के खिलाफ कानून बनाने की दिशा में हलचल तेज हो गई है।
इस संबंध में राज्य सरकार ने पुलिस महानिदेशक की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति गठित की है। समिति में महिला एवं बाल विकास, अल्पसंख्यक, विधि एवं न्याय, सामाजिक न्याय तथा गृह विभाग के सचिवों को शामिल किया गया है। अब तक समिति की दो से तीन बैठकें हो चुकी हैं और तैयार किया गया प्रारंभिक मसौदा विधि एवं न्याय विभाग को भेजे जाने की जानकारी सामने आई है।


सूत्रों के अनुसार, समिति ने अन्य राज्यों में लागू कानूनों का भी अध्ययन किया है। इससे पहले उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, गुजरात, हिमाचल प्रदेश और राजस्थान जैसे राज्यों में लव जिहाद और जबरन धर्मांतरण के खिलाफ कानून लागू किए जा चुके हैं। इन राज्यों के कानूनों का तुलनात्मक अध्ययन कर महाराष्ट्र के लिए उपयुक्त प्रावधान तय किए जा रहे हैं।
पिछले कुछ दिनों से भाजपा के विधायकों द्वारा ऐसे कानून की मांग की जा रही थी। भिगवण की घटना के बाद यह मुद्दा फिर से राजनीतिक और सामाजिक बहस का केंद्र बन गया है। माना जा रहा है कि राज्य सरकार जल्द ही इस विषय पर विधेयक लाने की दिशा में आगे बढ़ सकती है।


