मुंबई वार्ता संवाददाता

महाराष्ट्र में सूखे और फसल बर्बादी से जूझ रहे किसानों को दिवाली से पहले आर्थिक राहत मिलने का रास्ता साफ हो गया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में 1.5 करोड़ किसानों को प्रति किसान 5,000 रुपये की अग्रिम सहायता देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इस योजना के तहत कुल 7,500 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। सरकार ने यह राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में जमा करने का निर्णय लिया है।


■ 304 सूखा प्रभावित तहसीलों के किसानों को मिलेगा लाभ
सरकार के फैसले के अनुसार, महाराष्ट्र की 304 सूखा प्रभावित तहसीलों के किसानों को यह सहायता दी जाएगी। जिन किसानों की फसल का नुकसान 33 प्रतिशत से अधिक हुआ है, वे इस अग्रिम राहत के पात्र होंगे।राज्य सरकार का उद्देश्य किसानों को दिवाली से पहले तत्काल आर्थिक मदद उपलब्ध कराना है, ताकि फसल खराब होने के कारण आर्थिक संकट का सामना कर रहे परिवार त्योहार के दौरान अपनी जरूरी जरूरतें पूरी कर सकें।सरकार ने स्पष्ट किया है कि 5,000 रुपये की यह राशि अंतिम राहत पैकेज नहीं, बल्कि तत्काल सहायता के रूप में दी जा रही है। सूखे से हुए नुकसान का विस्तृत आकलन पूरा होने के बाद सरकार व्यापक राहत पैकेज की घोषणा करेगी। इस आकलन में फसल के प्रकार और प्रभावित कृषि भूमि के क्षेत्रफल को ध्यान में रखा जाएगा।
■ केंद्र की सहायता का इंतजार किए बिना राहत
सूखे से प्रभावित किसानों को मदद देने के लिए राज्य सरकार ने केंद्र सरकार की सहायता संबंधी प्रक्रिया पूरी होने तक इंतजार नहीं करने का फैसला किया है। केंद्र से मिलने वाली सहायता की प्रक्रिया में समय लग सकता है, इसलिए राज्य सरकार अपने संसाधनों से किसानों को अग्रिम राशि उपलब्ध कराएगी।उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि सरकार ने किसानों के बैंक खातों में दिवाली से पहले पैसा जमा करने का वादा किया था। सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि आर्थिक तंगी के कारण किसानों की दिवाली फीकी न रहे।सरकार के मुताबिक, केंद्र से मिलने वाली प्रस्तावित सहायता और सूखे से हुए नुकसान के आकलन के आधार पर आगे की राहत पर निर्णय लिया जाएगा।
■ ई-केवाईसी पूरी करने वाले किसानों को दोबारा प्रक्रिया नहीं करनी होगी
राहत राशि वितरण की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए सरकार ने ई-केवाईसी से संबंधित महत्वपूर्ण व्यवस्था भी स्पष्ट की है। जिन किसानों ने 1 नवंबर 2025 से विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत अपनी ई-केवाईसी पहले ही पूरी कर ली है, उन्हें इस अग्रिम सहायता के लिए दोबारा ई-केवाईसी कराने की आवश्यकता नहीं होगी।वहीं, वन भूमि पर अधिकार रखने वाले ऐसे किसान, जिन्हें अभी तक एग्रीस्टैक किसान पहचान पत्र नहीं मिला है, उन्हें ई-केवाईसी के आधार पर सहायता राशि देने की व्यवस्था की गई है। इसका उद्देश्य पात्र किसानों को तकनीकी प्रक्रियाओं के कारण राहत से वंचित होने से बचाना है।
■ फसल नुकसान के आकलन के बाद घोषित होगा पूरा राहत पैकेज
महाराष्ट्र के कई हिस्सों में बारिश की कमी और सूखे की स्थिति ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। फसल उत्पादन प्रभावित होने से किसानों पर आर्थिक दबाव बढ़ा है। ऐसे में सरकार की ओर से दी जाने वाली 5,000 रुपये की अग्रिम सहायता तत्काल जरूरतों को पूरा करने में मदद कर सकती है।हालांकि, किसानों को होने वाले वास्तविक नुकसान की तुलना में यह राशि कितनी पर्याप्त होगी, इस पर आगे चर्चा हो सकती है। सरकार की ओर से फिलहाल 1.5 करोड़ किसानों के लिए कुल 7,500 करोड़ रुपये की सहायता मंजूर की गई है। विस्तृत फसल नुकसान आकलन पूरा होने के बाद घोषित होने वाले राहत पैकेज से किसानों को अतिरिक्त मदद मिलने की संभावना रहेगी।
फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि महाराष्ट्र सरकार ने दिवाली से पहले पात्र सूखा प्रभावित किसानों के बैंक खातों में 5,000 रुपये जमा करने के लिए मंजूरी दे दी है। हालांकि, राशि जमा होने की अलग-अलग तारीखों का विस्तृत कार्यक्रम अभी घोषित नहीं किया गया है।


