मुंबई वार्ता संवाददाता

महिला यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए महाराष्ट्र के गृह विभाग और परिवहन विभाग ने ‘बीग्सी’ नामक एक अभिनव और पूर्णतः निःशुल्क योजना का शुभारंभ किया है। परिवहन आयुक्त विवेक भिमनवार द्वारा इस सेवा की शुरुआत मुंबई और राज्य के अन्य प्रमुख शहरों के लिए की गई।


● प्रमुख विशेषताएं और तकनीक
यह परियोजना महाराष्ट्र पुलिस, परिवहन विभाग और ईटीएस 360 टेक्नोलॉजी सॉल्यूशन के संयुक्त प्रयासों से शुरू की गई है। इसके मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं: QR कोड आधारित ट्रैकिंग प्रत्येक काली-पीली टैक्सी और ऑटो-रिक्शा में चालक की सीट के पीछे एक ‘पहचान पैनल’ लगाया जाएगा। यात्री ‘बीग्सी’ ऐप के माध्यम से इस QR कोड को स्कैन कर सकेंगे, जिससे गूगल मैप पर उनके वाहन के मार्ग की सटीक जानकारी (Tracking) दिखेगी।


डायरेक्ट पुलिस कनेक्टिविटी ऐप में एक ‘पैनिक बटन’ दिया गया है। इसे सक्रिय करते ही यात्री और वाहन का विवरण सीधे पुलिस नियंत्रण कक्ष (112) को भेज दिया जाएगा। त्वरित कार्रवाई सूचना मिलते ही निकटतम पुलिस वैन 5 से 6 मिनट के भीतर यात्री की मदद के लिए मौके पर पहुँच जाएगी। निःशुल्क सेवाइस योजना का वित्तीय भार न तो सरकार पर पड़ेगा, न ही चालकों या नागरिकों पर। इसका पूरा खर्च कॉर्पोरेट फंड और प्रायोजकों के माध्यम से उठाया जा रहा है।
परिवहन आयुक्त विवेक भिमनवार ने कहा कि “निर्भया मामले के बाद महिला सुरक्षा एक राष्ट्रीय मुद्दा बना। ‘बीग्सी’ परियोजना इसी दिशा में एक बड़ा कदम है। इस तकनीक को लागू करने वाला महाराष्ट्र देश का पहला राज्य और मुंबई पहला शहर बन गया है।”
■ योजना की वर्तमान स्थिति प्रकार
वर्तमान में यह योजना ऐच्छिक है। ऑटो और टैक्सी चालकों के बीच विश्वास पैदा करना और यात्रियों, विशेषकर महिलाओं को सुरक्षित वातावरण प्रदान करना। इसे आज 23 जनवरी, वसंत पंचमी के पावन अवसर पर आधिकारिक रूप से लॉन्च किया गया।परिवहन विभाग ने अपील की है कि अधिक से अधिक महिला यात्री और चालक इस प्रणाली का हिस्सा बनें ताकि भविष्य में इसे और अधिक व्यापक बनाया जा सके।


