■ वैदिक यज्ञ में आदिवासी क्षेत्र के परिवार हुए शामिल.
वरिष्ठ संवाददाता / मुंबई वार्ता

आर्य समाज मुंबई के तत्वावधान में आयोजित ‘रन फॉर संस्कृति प्रकल्प’ अभियान के अंतर्गत वैदिक संस्कृति का आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। इस योजना के तहत संचालित ‘पहला दीया गांव में’ कार्यक्रम का आयोजन पालघर जिले के 100 गांवों में, केशव सृष्टि संस्था उत्तन के सहयोग से किया गया। इस कार्यक्रम में मुंबई एवं पालघर के विभिन्न आर्य समाज केंद्रों, आर्य वीर दल, केशव सृष्टि तथा पालघर क्षेत्र के हजारों लोगों ने भाग लिया।


आर्य समाज काकड़वाड़ी गिरगांव के उपाध्यक्ष महावीर शर्मा ने दैनिक भास्कर को बताया कि यह आयोजन केवल दीपावली के पर्व का नहीं था, बल्कि प्रकाश को गांव-गांव तक पहुंचाने के संकल्प का है। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण 200 आदिवासी कन्या पुरोहित रही जो आचार्य अरुण कुमार आर्यवीर से पिछले चार माह से आचार्यत्व का प्रशिक्षण प्राप्त कर रही थी। एक साथ 100 गांवों में वैदिक यज्ञ आयोजित कर इस अभियान ने एक नया इतिहास रचा है।


इस यज्ञ को लेकर पालघर जिले के विक्रमगढ़, कासा, वाडा, परली, जव्हार और अन्य क्षेत्रों में उत्साह का वातावरण था। यज्ञ प्रशिक्षण प्राप्त 200 से अधिक कन्याओं ने यज्ञ कर अभियान का शुभारंभ किया। आदिवासी ग्रामीणों ने भी श्रद्धा और अपनत्व के साथ इस पवित्र अनुष्ठान में भाग लिया। इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम, भजन, वैदिक गीत एवं विचार गोष्ठी भी आयोजित की गए। ग्रामवासियों को नियमित यज्ञ परंपरा के लिए 100 से अधिक हवन कुंड सेट भी प्रदान किए गए।


