मुंबई वार्ता संवाददाता

भाजपा विधायक और कांदिवली (पूर्व) से विधायक अतुल भातखलकर ने विधानसभा में मांग उठाई कि मुंबई के आरजी (रिजर्वेशन) भूखंडों, पार्कों और खेल मैदानों को तथाकथित ‘केयरटेकर’ संस्थाओं के कब्जे से मुक्त कराया जाए और इनके रखरखाव की पूरी जिम्मेदारी बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) अपने हाथ में ले।


मानसून सत्र के अंतिम दिन भातखलकर ने ‘मुंबई महानगरपालिका (द्वितीय संशोधन) विधेयक, 2025’ (विधानसभा विधेयक क्रमांक-19/2025) विचारार्थ सदन में पेश किया।
विधेयक पर जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि मुंबई में पहले से ही खुले स्थानों की भारी कमी है। ऐसे में रखरखाव के नाम पर कई पार्क, खेल मैदान और आरजी प्लॉट निजी ‘केयरटेकर’ संस्थाओं को सौंप दिए गए हैं, जहां आम नागरिकों, बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों के प्रवेश पर रोक लगाई जाती है या उनसे अवैध रूप से शुल्क वसूला जाता है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2034 के विकास योजना (डेवलपमेंट प्लान) के तहत शहर में नए खुले स्थान विकसित किए जाने हैं। बीएमसी के पास संसाधनों और धन की कोई कमी नहीं है, इसलिए इन सार्वजनिक स्थानों के रखरखाव की जिम्मेदारी भी नगर निगम को ही उठानी चाहिए।
अतुल भातखलकर ने मांग की कि मुंबई के सभी पार्क, खेल मैदान और आरजी प्लॉट के रखरखाव का खर्च बीएमसी अपने फंड से वहन करे और ‘केयरटेकर नीति’ को समाप्त किया जाए।
उन्होंने कहा कि मुंबई के प्रत्येक नागरिक को इन सार्वजनिक स्थानों पर बिना किसी शुल्क और बिना किसी रोक-टोक के प्रवेश का अधिकार मिलना चाहिए। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि मुंबईकरों के स्वास्थ्य और उनके अधिकारों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाए।


