श्रीश उपाध्याय/मुंबई वार्ता





मुंबई क्राइम ब्रांच ने कार्रवाई करते हुए वर्षों से फरार चल रहे तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी लंबे समय से अदालत की कार्रवाई से बच रहे थे, जिसके बाद पुलिस की अलग-अलग टीमों (यूनिट्स) ने तकनीकी जांच और गुप्त सूचनाओं के आधार पर इन्हें पकड़ा।


मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक विशेष अभियान चलाकर पिछले कई सालों से फरार चल रहे तीन वॉन्टेड आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। ये आरोपी लंबे समय से गैर-जमानती वारंट और अदालती इश्तहार (प्रोक्लामेशन) जारी होने के बावजूद फरार थे।


■ 15 वर्षों से फरार आरोपी डोम्बिवली से गिरफ्तार (यूनिट 08)
मामला: क्राइम ब्रांच यूनिट 08 (मामला संख्या 38/2011, धारा 420, 34 आईपीसी)।
आरोपी गणेश गोविंद ननमेहेर पिछले 15 वर्षों से अदालत की कार्यवाही से अनुपस्थित रहकर अपनी पहचान छिपाकर रह रहा था। अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट (37 न्यायालय, किला कोर्ट, मुंबई) द्वारा गैर-जमानती वारंट और इश्तहार जारी किया गया था।
गुप्त सूचना के आधार पर यूनिट 08 की टीम ने आरोपी को डोम्बिवली (जिला ठाणे) से हिरासत में लिया और अदालत में पेश किया।


■ 10 वर्षों से पेंडिंग वारंट वाला आरोपी माहिम से पकड़ा गया (यूनिट 09)
मामला: क्राइम ब्रांच यूनिट 09 (मामला संख्या 09/2016, धारा 182, 120(बी), 34 आईपीसी)। आरोपी अब्दुल माजिद हनीफ शेख के खिलाफ 37वें किला कोर्ट द्वारा गैर-जमानती वारंट जारी किया गया था और यूनिट 09 पिछले 10 वर्षों से उसकी तलाश कर रही थी।
तकनीकी जांच और गुप्त सूचना के आधार पर आरोपी के माहिम आने की पुष्टि होने पर यूनिट 09 ने उसे वहीं से गिरफ्तार कर लिया।
■ जमानत मिलने के बाद 17 वर्षों से फरार आरोपी नालासोपारा से गिरफ्तार (यूनिट 12)
क्राइम ब्रांच यूनिट 12 (मामला संख्या 11/2009, धारा 3, 25 आर्म्स एक्ट सह 37(1), 135 एमबीपी एक्ट – दहीसर पुलिस स्टेशन)।
आरोपी राजू रामा यादव (उम्र 35 वर्ष) को अदालत से जमानत मिलने के बाद वह पिछले 17 वर्षों से सुनवाई के लिए पेश नहीं हो रहा था।
अदालती इश्तहार के बाद टीम ने तकनीकी जांच और अपने सूत्रों का उपयोग कर उसके ठिकाने का पता लगाया। यूनिट 12 की टीम ने 23 सितंबर 2026 को आरोपी को नालासोपारा ईस्ट (जिला पालघर) से गिरफ्तार किया।
■ वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में हुई कार्रवाई
यह सफल कार्रवाई मुंबई पुलिस आयुक्त देवेन भारती, पुलिस सह-आयुक्त (अपराध) अनिल कुंभारे, अपर पुलिस आयुक्त (अपराध) कृष्णकांत उपाध्याय, और पुलिस उप-आयुक्त (प्रकटीकरण-1) नवनाथ ढवले के मार्गदर्शन में पूरी की गई।
इस अभियान में सहायक पुलिस आयुक्त (पश्चिम/उत्तर) दत्तात्रेय थोपटे, सहायक पुलिस आयुक्त (पूर्व) धर्मपाल बंसोड़े, वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक संदीप येड़े-पाटिल, प्रभारी पुलिस निरीक्षक गणेश माली, प्रभारी पुलिस निरीक्षक सचिन पुराणिक, पुलिस निरीक्षक विजय रासकर, पुलिस उप-निरीक्षक दराडे, और अन्य पुलिस कर्मियों (बालकृष्ण लिम्हण, प्रसाद गोरुले, विश्रांत भिंगारदेवे, अतिग्रे, जोगड़े, अमोल सोनवणे) ने मुख्य भूमिका निभाई।


