श्रीश उपाध्याय/मुंबई वार्ता

मुंबई महानगरपालिका की प्रमुख समितियों के बंटवारे को लेकर महायुति के नेताओं के बीच सहमति बनती दिख रही है। सूत्रों के अनुसार, स्थायी समिति भाजपा के पास रहेगी, जबकि सुधार समिति शिवसेना को सौंपे जाने पर सहमति बनी है। इस संबंध में अंतिम निर्णय के लिए अगले सप्ताह मंगलवार से पहले महायुति नेताओं की बैठक प्रस्तावित है।


हाल ही में मुंबई के महापौर पद पर भाजपा की रितु तावड़े और उपमहापौर पद पर शिवसेना के संजय घाड़ी के निर्विरोध निर्वाचन के बाद अब महानगरपालिका की प्रमुख समितियों पर मंथन तेज हो गया है। महानगरपालिका में स्थायी, सुधार, शिक्षा और बेस्ट—ये चार वैधानिक समितियां हैं।
बीते कुछ दिनों से स्थायी और सुधार समितियों को लेकर महायुति में सबसे ज्यादा चर्चा चल रही थी। भाजपा ने स्थायी समिति छोड़ने से इनकार किया, जिसके बाद शिवसेना ने कम से कम सुधार समिति अपने पास रखने की जोरदार मांग रखी।सुधार समिति में पहले महायुति और विपक्ष के सदस्यों की संख्या बराबर रहने की स्थिति थी, जिससे अध्यक्ष पद का फैसला चिट्ठी के जरिए होना तय माना जा रहा था।
हालांकि शिवसेना ने पहल करते हुए राष्ट्रवादी कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस (शरद पवार गुट) के कुछ नगरसेवकों को अपने गुट में शामिल कर लिया। इससे सुधार समिति में महायुति का संख्याबल एक सदस्य से बढ़ गया है। इसी रणनीतिक बढ़त के आधार पर शिवसेना ने सुधार समिति अपने पास रखने का दावा मजबूत किया, जिसे भाजपा ने भी स्वीकार करते हुए समिति शिवसेना को देने का संकेत दिया है।
हालांकि इस पूरे मसले पर अंतिम मुहर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे लगाएंगे।शिक्षा और बेस्ट समितियों को लेकर अभी तक महायुति में स्पष्ट सहमति नहीं बनी है। लेकिन संभावना जताई जा रही है कि शिक्षा समिति भारतीय जनता पार्टी के पास जा सकती है, जबकि बेस्ट समिति शिवसेना को दी जा सकती है। इसके अलावा छह विशेष समितियों में से चार भाजपा और दो शिवसेना के पास रहने की संभावना बताई जा रही है।
स्थायी, सुधार, शिक्षा और बेस्ट समितियों के अध्यक्ष पद के लिए बुधवार, 18 फरवरी को नामांकन दाखिल किए जाएंगे। ऐसे में 18 फरवरी की सुबह तक अध्यक्ष पद के उम्मीदवारों के नाम घोषित हो जाने की संभावना है।


