श्रीश उपाध्याय/मुंबई वार्ता

मुंबई महानगरपालिका (BMC) में प्रशासनिक स्तर पर महिलाओं की मजबूत भागीदारी अब और स्पष्ट हो गई है। शहर, पूर्व और पश्चिम उपनगरों के तीन प्रमुख परिमंडलों का कार्यभार अब तीन महिला उपायुक्तों को सौंपा गया है, जिससे नगर प्रशासन में महिलाओं का प्रभाव और बढ़ गया है।


15 अप्रैल को किए गए नियुक्ति आदेश के अनुसार, परिमंडल-1 में चंदा जाधव, परिमंडल-4 (पश्चिम उपनगर) में भाग्यश्री कापसे और परिमंडल-5 (पूर्व उपनगर) में संध्या नांदेडकर को उपायुक्त नियुक्त किया गया है। इन नियुक्तियों के बाद मुंबई शहर और उपनगरों के प्रशासनिक कार्यों पर महिला अधिकारियों की स्पष्ट छाप दिखाई दे रही है।
मुंबई महानगरपालिका में पहले से ही महिलाओं की भागीदारी उल्लेखनीय है। 227 सदस्यों में से 135 महिला पार्षद चुनी गई हैं, जो कुल संख्या का 50 प्रतिशत से अधिक है। स्थायी समिति सहित कई महत्वपूर्ण समितियों में भी महिला अध्यक्ष और सदस्य सक्रिय भूमिका निभा रही हैं, जिससे सभागार में महिलाओं की प्रभावी उपस्थिति बनी हुई है।
उपायुक्त पद महानगरपालिका प्रशासन में एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी वाला पद है। इस पद पर नियुक्ति के लिए कम से कम 7 वर्षों तक सहायक आयुक्त के रूप में कार्य करना आवश्यक होता है। उपायुक्त न केवल कई विभागीय कार्यालयों के कार्यों की निगरानी करते हैं, बल्कि उनका सीधा संपर्क आयुक्त, अतिरिक्त आयुक्त और महापौर से भी होता है।
परिमंडल-1 के अंतर्गत ए, बी, सी, डी और ई वार्ड आते हैं, जबकि परिमंडल-4 में एम पूर्व, एम पश्चिम और एल वार्ड शामिल हैं। वहीं परिमंडल-5 में के पश्चिम, पी दक्षिण, पी उत्तर और पी पूर्व वार्ड आते हैं।
इन तीनों परिमंडलों में महिला उपायुक्तों की नियुक्ति से यह साफ है कि मुंबई महानगरपालिका में अब प्रशासनिक नेतृत्व में भी महिलाओं की मजबूत भूमिका स्थापित हो रही है।


