मुंबई में आठ महीने में साइबर अपराध के 4,254 मामले, सिर्फ 1,121 की हुई जांच में मिली सफलता; क्रेडिट कार्ड और ऑनलाइन ठगी के 1,020 केस।

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■ पिछले साल की तुलना में साइबर अपराध में 44 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि, शेयर बाजार में निवेश के नाम पर ठगी के मामले भी बड़ी संख्या में सामने आए।

मुंबई वार्ता संवाददाता

मुंबई में साइबर अपराध के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। जनवरी से अगस्त 2026 के बीच मुंबई पुलिस ने साइबर अपराध के कुल 4,254 मामले दर्ज किए। पिछले साल इसी अवधि में 2,948 मामले सामने आए थे। इस तरह साइबर अपराध के मामलों में 44 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है। चिंता की बात यह है कि दर्ज मामलों में से पुलिस अब तक केवल 1,121 मामलों का पता लगा सकी है। इन मामलों में 794 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

■ क्रेडिट और डेबिट कार्ड से धोखाधड़ी के 1,020 मामले

मुंबई में दर्ज साइबर अपराधों में क्रेडिट कार्ड और डेबिट कार्ड के माध्यम से ऑनलाइन धोखाधड़ी प्रमुख श्रेणियों में शामिल है। जनवरी से अगस्त के दौरान ऐसे 1,020 मामले दर्ज किए गए। इसके अलावा, कंप्यूटर या डिजिटल प्रणालियों में सेंधमारी के 202 मामले सामने आए। फिशिंग, फर्जी ईमेल और पहचान से जुड़ी धोखाधड़ी के मामले भी दर्ज किए गए हैं।

■ ऑनलाइन ठगी के 2,283 मामले

पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, इस अवधि में ऑनलाइन ठगी के कुल 2,283 मामले दर्ज किए गए। इनमें शेयर बाजार में निवेश के नाम पर धोखाधड़ी के 302 मामले सबसे अधिक थे। अन्य प्रमुख मामलों में निवेश के नाम पर ठगी के 156, सरकारी अधिकारी बनकर धोखाधड़ी या डिजिटल गिरफ्तारी के 95, नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी के 77 और फर्जी वेबसाइट के माध्यम से धोखाधड़ी के 76 मामले शामिल हैं।

इसके अलावा, ऑनलाइन खरीदारी में धोखाधड़ी के 52, कर्ज दिलाने के नाम पर ठगी के 42, कस्टम या उपहार के नाम पर ठगी के 26 और क्रिप्टोकरेंसी से संबंधित धोखाधड़ी के 14 मामले दर्ज किए गए। ऑनलाइन ठगी के इन 2,283 मामलों में से पुलिस ने 537 मामलों का पता लगाया और 471 लोगों को गिरफ्तार किया।

■ कई तरह के साइबर अपराधों में बढ़ोतरी

आंकड़ों के मुताबिक, पिछले साल की तुलना में क्रेडिट और डेबिट कार्ड से धोखाधड़ी, हैकिंग, फिशिंग, फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल और फर्जी वेबसाइट से जुड़े अपराधों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इससे स्पष्ट होता है कि साइबर अपराधी लोगों की वित्तीय जानकारी और व्यक्तिगत पहचान का दुरुपयोग कर रहे हैं।मुंबई पुलिस का कहना है कि साइबर अपराधों की शिकायतें दर्ज करने के साथ ही नागरिकों को जागरूक करने के लिए सोशल मीडिया के माध्यम से अभियान चलाए जा रहे हैं। पुलिस लोगों को नए और बदलते साइबर ठगी के तरीकों के प्रति सतर्क रहने की सलाह भी दे रही है।

■ नागरिकों से सतर्क रहने की अपील

ऑनलाइन लेन-देन करते समय किसी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, बैंकिंग पासवर्ड, कार्ड का सीवीवी नंबर या अन्य गोपनीय जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए। निवेश के नाम पर असामान्य रूप से अधिक मुनाफे का वादा करने वाली योजनाओं और अनजान लिंक से सावधान रहना जरूरी है।यदि किसी के साथ ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी होती है, तो उसे तुरंत 1930 साइबर वित्तीय धोखाधड़ी हेल्पलाइन पर शिकायत करनी चाहिए और राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज करनी चाहिए। समय पर सूचना देने से ठगी की रकम को संबंधित बैंक खाते में रोकने या फ्रीज करने की संभावना बढ़ सकती है।

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