मुंबई वार्ता संवाददाता

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर मुंबई में शनिवार, 10 अक्टूबर को हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने महात्मा गांधी के प्रपौत्र तुषार गांधी, अभिनेता इमरान खान और शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के विधायक वरुण सरदेसाई समेत करीब 600 लोगों को हिरासत में लिया। प्रदर्शनकारी दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) की ओर से आयोजित आंदोलन के समर्थन में एकत्र हुए थे।


■ अगस्त क्रांति मैदान पहुंचने से पहले ही प्रदर्शनकारियों को रोका
प्रदर्शनकारियों ने दक्षिण मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान में जुटने की योजना बनाई थी। इस कार्यक्रम का आह्वान तुषार गांधी के नेतृत्व वाले नागरिक संगठन ‘हम भारत के लोग’ ने किया था। प्रदर्शन का उद्देश्य मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में चल रहे आंदोलन के प्रति एकजुटता व्यक्त करना था।पुलिस ने अगस्त क्रांति मैदान और उसके आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी थी। नाना चौक से मैदान की ओर जाने वाले रास्तों पर बैरिकेड लगाए गए और बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को मैदान तक पहुंचने से रोकते हुए अलग-अलग स्थानों से हिरासत में लिया।
■ तुषार गांधी, इमरान खान और वरुण सरदेसाई भी हिरासत में
हिरासत में लिए गए लोगों में तुषार गांधी, उनकी बेटी कस्तूरी गांधी, अभिनेता इमरान खान, शिवसेना (यूबीटी) विधायक वरुण सरदेसाई और वामपंथी संगठनों के कार्यकर्ता शामिल थे। पुलिस के अनुसार, अगस्त क्रांति मैदान के आसपास से लगभग 200 लोगों को हिरासत में लिया गया, जबकि शहर के अन्य इलाकों से भी प्रदर्शनकारियों को पकड़ा गया। कुल हिरासत में लिए गए लोगों की संख्या करीब 600 बताई गई।तुषार गांधी को बांद्रा इलाके में रोका गया और अंधेरी पश्चिम के डी. एन. नगर पुलिस थाने ले जाया गया। प्रदर्शनकारियों को शहर के अलग-अलग पुलिस थानों में ले जाया गया। तुषार गांधी ने कहा कि हिरासत और दबाव के बावजूद उनका संघर्ष जारी रहेगा।
■ चुनावी मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को लेकर विरोध
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा था। दिल्ली में सीजेपी ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान मतदाता सूचियों में कथित हेरफेर और मतदाता पंजीकरण के लिए इस्तेमाल होने वाले फॉर्म-6 से जुड़े बदलावों पर सवाल उठाए हैं।प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि मतदाता सूची में किए जा रहे बदलावों से पात्र मतदाताओं के नाम प्रभावित हो सकते हैं। हालांकि, चुनाव आयोग का कहना है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण का उद्देश्य मृत, दोहरे और अपात्र मतदाताओं की प्रविष्टियों को हटाकर सूची को दुरुस्त करना है।
■ पुलिस कार्रवाई पर प्रदर्शनकारियों ने उठाए सवाल
कुछ प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उन्हें जबरन वाहनों में बैठाया और उनके साथ धक्का-मुक्की की। पुलिस ने कार्रवाई के पीछे बिना अनुमति प्रदर्शन करने का कारण बताया। अधिकारियों ने यह भी कहा कि बंबई उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार अगस्त क्रांति मैदान निर्धारित विरोध प्रदर्शन स्थलों में शामिल नहीं है और प्रदर्शन के लिए आजाद मैदान निर्धारित है।महात्मा गांधी के नेतृत्व में 9 अगस्त 1942 को भारत छोड़ो आंदोलन की शुरुआत के लिए ऐतिहासिक महत्व रखने वाले अगस्त क्रांति मैदान में इस बार प्रस्तावित प्रदर्शन पुलिस की सख्त घेराबंदी के कारण नहीं हो सका। हालांकि, हिरासत में लिए जाने के बावजूद प्रदर्शनकारियों ने चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर अपनी आपत्तियां जारी रखने की बात कही।


