मुंबई वार्ता/श्रीश नमस्ते

मुंबई में ट्रैफिक जाम की समस्या कम करने और शहर के पूर्वी तथा पश्चिमी हिस्सों के बीच कनेक्टिविटी मजबूत करने के लिए चार बड़े रोड ओवरब्रिज (ROB) का निर्माण और पुनर्निर्माण किया जा रहा है। इन परियोजनाओं पर कुल करीब 1,179 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इनका निर्माण बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) और महाराष्ट्र रेल इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (MRIDC) संयुक्त रूप से कर रहे हैं।इन परियोजनाओं का उद्देश्य प्रमुख रेलवे क्रॉसिंग और व्यस्त मार्गों पर ट्रैफिक दबाव कम करना है। इनमें अंधेरी-घाटकोपर, दादर और भायखला जैसे महत्वपूर्ण इलाकों को सीधे लाभ मिलने की उम्मीद है।


■ घाटकोपर में बनेगा मुंबई उपनगर का पहला केबल-स्टेड रोड ब्रिज
अंधेरी-घाटकोपर लिंक रोड पर लाल बहादुर शास्त्री (LBS) मार्ग के ऊपर एक नया छह लेन का केबल-स्टेड ब्रिज बनाया जा रहा है। यह पुल घाटकोपर पूर्व और घाटकोपर पश्चिम को सीधे जोड़ेगा।करीब 350 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह पुल मुंबई के उपनगरीय क्षेत्र में बनने वाला पहला केबल-स्टेड रोड ब्रिज होगा। छह लेन का होने के कारण इससे इस महत्वपूर्ण मार्ग पर वाहनों की आवाजाही आसान होने और पीक आवर्स में ट्रैफिक जाम कम होने की उम्मीद है।


■ 100 साल पुराने तिलक ब्रिज की जगह बनेगा नया पुल
दादर का करीब एक सदी पुराना तिलक ब्रिज, जिसे 1925 में यातायात के लिए शुरू किया गया था, अब नए और आधुनिक पुल से बदला जा रहा है।करीब 600 मीटर लंबे और छह लेन वाले केबल-स्टेड ब्रिज के निर्माण से मौजूदा दो लेन की तुलना में यातायात क्षमता करीब तीन गुना बढ़ाने की योजना है। दादर मुंबई के सबसे व्यस्त परिवहन केंद्रों में से एक है, इसलिए इस परियोजना को यातायात के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।ट्रैफिक व्यवस्था को पूरी तरह बाधित होने से बचाने के लिए निर्माण कार्य दो चरणों में किया जा रहा है। नए तिलक ब्रिज का पूरा काम 2027 के मध्य तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
■ भायखला के Y ब्रिज का भी होगा कायाकल्प
भायखला का करीब 100 साल पुराना Y ब्रिज भी अब नए केबल-स्टेड पुल से बदला जा रहा है। प्रस्तावित नया पुल करीब 916 मीटर लंबा होगा और इसमें ड्युअल-कैरिजवे की व्यवस्था होगी।यह पुल भायखला-दादर कॉरिडोर में वाहनों की आवाजाही को अधिक सुचारु बनाने में मदद करेगा। नए पुल को दिसंबर 2026 तक यातायात के लिए खोलने का लक्ष्य रखा गया है।
■ पूर्व-पश्चिम कनेक्टिविटी होगी मजबूत
मुंबई में लगातार बढ़ते वाहनों के दबाव को देखते हुए इन पुल परियोजनाओं को महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा विस्तार माना जा रहा है। नए और चौड़े पुलों से रेलवे लाइनों के कारण प्रभावित होने वाले मार्गों पर ट्रैफिक की रफ्तार बढ़ाने, जाम कम करने और मुंबई के पूर्वी-पश्चिमी हिस्सों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने में मदद मिलने की उम्मीद है।करीब 1,179 करोड़ रुपये के संयुक्त निवेश वाली इन चार परियोजनाओं के पूरा होने के बाद मुंबई के कई प्रमुख ट्रैफिक कॉरिडोर पर वाहन चालकों को राहत मिलने की संभावना है।


