मुंबई वार्ता संवाददाता

महाराष्ट्र ने शहरी जल परिवहन को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए देश की पहली इलेक्ट्रिक हाइड्रोफॉइल “फ्लाइंग बोट” कैंडेला पी12 की शुरुआत की है। इस हाईटेक नाव के शुरू होने से मुंबई के तटीय क्षेत्रों में यात्रियों को तेज, आरामदायक और पर्यावरण अनुकूल यात्रा का नया विकल्प मिलेगा।


स्वीडन की कंपनी कैंडेला द्वारा विकसित इस अत्याधुनिक जलयान को राज्य सरकार ने जल आधारित परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने की योजना के तहत शुरू किया है। यह पहल केरल की जल परिवहन प्रणाली की तर्ज पर महाराष्ट्र में भी समुद्री यातायात को बढ़ावा देने की दिशा में अहम मानी जा रही है।
नई फ्लाइंग बोट सेवा शुरुआत में दो प्रमुख मार्गों पर चलाई जाएगी — गेटवे ऑफ इंडिया से अलीबाग और गेटवे ऑफ इंडिया से एलिफेंटा गुफाएं। इससे यात्रियों और पर्यटकों को कम समय में सुविधाजनक सफर का विकल्प मिलेगा।
कैंडेला पी12 की सबसे बड़ी खासियत इसकी हाइड्रोफॉइल तकनीक है। नाव जैसे ही निर्धारित गति पकड़ती है, उसके नीचे लगे विशेष पंख (फॉइल) उसे पानी की सतह से ऊपर उठा देते हैं। इसके बाद नाव हवा में तैरने जैसी स्थिति में आगे बढ़ती है, जिससे पानी का प्रतिरोध कम हो जाता है और गति व ऊर्जा दक्षता दोनों बढ़ जाती हैं।
इस तकनीक के कारण यात्रियों को पारंपरिक फेरी सेवाओं की तुलना में अधिक आरामदायक सफर मिलेगा। समुद्री लहरों और खराब मौसम का असर भी इस नाव पर कम पड़ता है, जिससे यात्रा अधिक स्थिर और सुरक्षित महसूस होती है।
यह परियोजना पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। कैंडेला पी12 पूरी तरह इलेक्ट्रिक ऊर्जा से संचालित होती है, जिससे धुआं, ईंधन प्रदूषण और कार्बन उत्सर्जन पूरी तरह समाप्त हो जाता है। इससे मुंबई में स्वच्छ और हरित परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।
फ्लाइंग बोट सेवा की शुरुआत के साथ मुंबई ने तकनीकी रूप से उन्नत और पर्यावरण के अनुकूल जल परिवहन नेटवर्क विकसित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बढ़ाया है।


