मुंबई वार्ता संवाददाता

मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने करीब 75 करोड़ रुपये के रियल एस्टेट निवेश घोटाले की जांच एक बार फिर शुरू कर दी है। विशेष एमपीआईडी (MPID) अदालत के आदेश के बाद मेसर्स रणबीर रियल एस्टेट एंड डेवलपर्स LLP, उसके निदेशक जयकुमार गजानंद गुप्ता और सुयश जयकुमार गुप्ता के खिलाफ अंधेरी पुलिस थाने में नया मामला दर्ज किया गया है।


इससे पहले EOW ने मामले को दीवानी प्रकृति का बताते हुए अदालत में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की थी। हालांकि, शिकायतकर्ता महेश दोशी (71) ने विशेष एमपीआईडी अदालत में इस रिपोर्ट को चुनौती दी। सुनवाई के बाद अदालत ने क्लोजर रिपोर्ट खारिज करते हुए नया अपराध दर्ज कर विस्तृत जांच के आदेश दिए।
आरोप है कि आरोपियों ने अंधेरी स्थित एक पुनर्विकास परियोजना में निवेश पर सालाना 18 प्रतिशत रिटर्न का लालच देकर निवेशकों से बड़ी रकम जुटाई। तय समय पर न तो वादा किया गया रिटर्न दिया गया और न ही मूल राशि लौटाई गई।
शिकायत के अनुसार, मार्च 2021 में महेश दोशी और उनके परिवार को जोगेश्वरी (पूर्व) स्थित पुनर्विकास परियोजना में निवेश करने के लिए प्रेरित किया गया। उन्हें तिमाही ब्याज के साथ सालाना 18 प्रतिशत रिटर्न और निवेश अवधि पूरी होने पर मूलधन लौटाने का भरोसा दिया गया। इस पर विश्वास कर दोशी परिवार ने करीब 7.65 करोड़ रुपये का निवेश किया।
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने 30 जून 2024 तक नियमित रूप से ब्याज का भुगतान किया, लेकिन उसके बाद ब्याज और मूलधन दोनों की अदायगी बंद कर दी। 1 जनवरी 2025 तक महेश दोशी की मूल राशि और ब्याज मिलाकर करीब 8.47 करोड़ रुपये की बकाया रकम हो गई।
जांच में अब तक 48 निवेशकों से लगभग 75 करोड़ रुपये की ठगी सामने आई है।
EOW संबंधित कंपनियों के वित्तीय लेन-देन, निवेश की रकम के उपयोग, संपत्तियों और अन्य कारोबारी गतिविधियों की गहन जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच आगे बढ़ने पर इस मामले में और भी चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं।


