मुंबई वार्ता संवाददाता

मुंबई की उपनगरीय लोकल ट्रेन सेवाओं में लगातार हो रही देरी अब यात्रियों के लिए बड़ी परेशानी बनती जा रही है। खासकर सुबह के व्यस्त समय में लोकल का इंतजार और उसके बाद सफर में होने वाली देरी का सीधा असर नौकरीपेशा यात्रियों के कार्यालय पहुंचने के समय पर पड़ रहा है। कई यात्रियों को समय पर कार्यालय नहीं पहुंच पाने के कारण ‘लेट मार्क’ का सामना करना पड़ रहा है।


यात्रियों की शिकायत है कि निर्धारित समय पर लोकल नहीं आने से स्टेशन पर काफी देर तक इंतजार करना पड़ता है। इसके बाद जब ट्रेन आती है तो उसमें पहले से ही भारी भीड़ होती है। देरी का असर अगली कई सेवाओं पर भी पड़ता है और पूरा रेल यातायात प्रभावित हो जाता है।
मध्य रेलवे की कुछ सेवाओं में सुबह के समय देरी को लेकर यात्रियों में विशेष नाराजगी देखी गई है। सितंबर में कल्याण से छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस जाने वाली सुबह 8.46 बजे की लोकल के निर्धारित समय से काफी देर से पहुंचने की शिकायत सामने आई थी। यात्रियों का कहना था कि ऐसी देरी अब कभी-कभार होने वाली घटना नहीं रह गई है, बल्कि नियमित समस्या बनती जा रही है।
■ एसी लोकल भी निशाने पर
यात्रियों की नाराजगी का एक प्रमुख कारण एसी लोकल सेवाएं भी हैं। यात्रियों का आरोप है कि एसी लोकल के संचालन और उसमें यात्रियों के चढ़ने-उतरने में लगने वाले अतिरिक्त समय का असर अन्य सेवाओं की समयबद्धता पर पड़ता है। रेलवे अधिकारियों ने भी पहले माना है कि एसी लोकल के दरवाजों के बंद होने में देरी और प्लेटफॉर्म पर अधिक समय रुकने से आगे चलने वाली सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।
मुंबई की लोकल व्यवस्था में एसी सेवाओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है। मध्य रेलवे और पश्चिम रेलवे दोनों पर एसी लोकल की संख्या बढ़ाई गई है। हालांकि, यात्रियों का कहना है कि केवल एसी लोकल की संख्या बढ़ाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि समय पर संचालन और नियमित सेवाओं की समयबद्धता भी सुनिश्चित की जानी चाहिए।
यात्रियों की मांग है कि रेलवे प्रशासन लोकल सेवाओं की देरी के मूल कारणों की समीक्षा करे, समय-सारिणी को व्यावहारिक बनाए और एसी तथा गैर-एसी सेवाओं के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करे। यात्रियों का कहना है कि मुंबई जैसे शहर में जहां लाखों लोग रोजाना समय पर कार्यालय और व्यवसायिक प्रतिष्ठानों तक पहुंचने के लिए लोकल पर निर्भर हैं, वहां कुछ मिनट की देरी भी उनके पूरे दिन के कार्यक्रम को प्रभावित कर देती है।
इस बीच, रेलवे द्वारा नए एसी लोकल रेक शामिल करने की तैयारी भी चल रही है। अक्टूबर की रिपोर्ट के अनुसार, नए वर्ष में मुंबई उपनगरीय नेटवर्क में 20 नई एसी लोकल शामिल करने की योजना है। ऐसे में यात्रियों की नजर अब इस बात पर है कि एसी सेवाओं के विस्तार के साथ लोकल ट्रेनों की समयबद्धता में कितना सुधार होता है।


