रवीन्द्र मिश्रा । मुंबई वार्ता

शारदीय नवरात्र के अवसर पर मुंबई के प्रसिद्ध देवी मंदिर मुंबादेवी में मां के दर्शन के लिए भक्तों की अपार भीड़ उमड़ती है । भक्त नवरात्र के महीने में मां के नव रुपों का दर्शन, आराधना ,पूजा अर्चन कर मां के सामने अपनी मनोकामना व्यक्त करते हें ।


मुंबादेवी मंदिर के प्रबंधक हेमंत जाधव बताते हैं कि 22 सितंबर से मुंबादेवी मंदिर में नवरात्र उत्सव शुरू हो जाएगा । सुबह साढ़े 5 बजे मंगल आरती के बाद मंदिर भक्तों के दर्शन के लिए खुल जाएगा । सुबह 7 से 8 के बीच मंदिर में घट स्थापना की जाएगी ।इस नवरात्र उत्सव के दिनों में प्रतिदिन 21 विद्वान ब्राह्मण पंडितों द्वारा मां दुर्गा सप्तशती के मंत्रों ( या देवी सर्वभूतेषु) का पाठ किया जाएगा । शुक्रवार 26 सितंबर को ललिता पंचमी के दिन मंदिर में शाम को दीपोत्सव कार्यक्रम आयोजित किया गया है । 1अक्टूबर बुधवार के दिन नवमी तिथि पर मंदिर में चंडी हवन तथा मां की महापूजा होगी । सुबह 10 बजे चंडी महायज्ञ की शुरूवात होगी तथा शाम 5 या साढ़े 5 बजे हवन की पुर्णाहुति होंगी ।


मंदिर में आने वाले दर्शनार्थियों के लिए प्रशासन द्वारा दो बड़े मंडप तैयार किए गए हैं । इसी तरह मंदिर प्रबंधन की ओर से भक्तों के लिए प्रवेशद्वार पर मुफ्त चप्पल स्टैंड की व्यवस्था की गई है । भक्तों की सुरक्षा को ध्यान में रख कर उनके सामान की जांच के लिए बड़ा स्कैनर लगाए गए हैं । सुरक्षा रक्षकों की संख्या बढ़ा दी गई है । वैष्णव चैरिटेबल एवं मेडिकल ट्रस्ट तथा मुंबादेवी भक्त मंडल की ओर से 150 सेवा सेवकों की टीम तैयार की गई है। किसी भी आकस्मिक घटना को ध्यान में रख कर दवाइयों के साथ डाक्टर तथा अंबुलेस तैनात किए गए हैं ।
मंदिर परिसर में भक्तों के लिए पीने के पानी तथा शरबत की व्यवस्था है। उत्सव के दौरान प्रतिदिन मंदिर में 6 बार मां मुंबादेवी की आरती होगी । भक्तों की भीड़ ध्यान में रख कर लोकमान्य तिलक पुलिस स्टेशन द्वारा पुलिस की उत्तम व्यवस्था की गई है । उत्सव को ध्यान में रख कर मंदिर परिसर तथा आस पास में उच्च कोटि के कैमरे से उन पर निगरानी रखी जाएगी । मंदिर प्रबंधन ने देवी भक्तों से अपील कर कहा है कि वे मंदिर में दर्शन करने आते समय अपने साथ बड़े बैग लेकर न आएं जिससे किसी भक्त परेशानी हो । मंदिर सुबह 5,30 बजे दर्शन के लिए खुलेगा तथा रात 10 बजे बंद होगा ।
मुंबादेवी मंदिर के विषय में जानकारी देते हुए श्री हेमन्त जाधव कहते हैं कि मुंबादेवी का इतिहास लगभग 300 वर्ष पुराना है ।यह कोली समाज की कुल देवी है । पहले मां मुंबादेवी का मंदिर फोर्ट में था । बाद में यह ब्रिटिश काल में यहां स्थापित किया गया । मां मुंबादेवी की अलौकिक शक्ति के विषय में श्री जाधव कहते हैं कि मुंबादेवी के नाम पर इस शहर का नाम मुंबई रखा गया । मुंबई को स्वप्न नगरी भी कहते हैं । यहां आने वाले सभी दर्शनार्थियों की मनोकामना मा पूर्ण करती है । कुछ लोग इसे तिलिस्म की देवी भी कहते हैं ।
यहां आने वाले भक्तों को मां अनेकों रुपों में दर्शन देकर उनकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण करती है ।इस लिए शास्त्रों में इसे पाटन मुंबा दंत कुमारी कहा गया है । इसलिए मार्कंडेय पुराण के दुर्गा सप्तशती में कहा गया है कि मां सभी प्राणियों में ( या देवी सर्वभूतेषु) माता के रूप में विराजमान हैं ।


