मुंबई वार्ता संवाददाता

उत्तर मुम्बई के पूर्व सांसद गोपाल शेट्टी ने बीएमसी कमिश्नर भूषण गगरानी को पत्र लिखकर अंधेरी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के लिए वार्षिक बजट में प्रावधान कर बीएमसी द्वारा ही स्वयं अपग्रेड करने, उसका संचालन व रखरखाव करने का आग्रह किया है। इसके साथ ही उत्तर मुम्बई में भी एक आधुनिक व सर्व सुविधा से परिपूर्ण खेल संकुल बनवाने की दिशा में भी कदम उठाने की माँग उन्होंने दोहराई है।


जनसेवक गोपाल शेट्टी ने पत्र में लिखा है कि मुम्बई महानगरपालिका द्वारा प्रस्तावित छत्रपति शहाजी राजे क्रीड़ा संकुल , अंधेरी के उन्नयन (अपग्रेड) , संचालन, रखरखाव और हस्तांतरण के लिए एक सार्वजनिक-निजी साझेदारी (PPP) मॉडल पर मैं आपका ध्यान केंद्रित करना चाहता हूं। जब बीएमसी वित्तीय घाटे का सामना कर रही थी, तो कुछ विकासात्मक कार्यों के लिए पीपीपी मॉडल को अपनाना समझ में आता था, पर आज की स्थिति पूरी तरह से अलग है। 59,000 करोड़ रुपये से अधिक के वार्षिक बजट के साथ, मुम्बई महानगरपालिका देश की सबसे बड़ी महानगरपालिका है और वित्तीय रूप से ऐसी परियोजनाओं को सीधे निष्पादित करने में सक्षम भी है। इस पृष्ठभूमि में, एक खेल परिसर जैसी महत्वपूर्ण परियोजना के लिए पीपीपी मॉडल पर भरोसा करना बीएमसी जैसे संस्थान की प्रतिष्ठा के अनुरूप नहीं है।


जनसेवक शेट्टी ने आगे लिखा है कि यह भी महत्वपूर्ण है कि मुंबई शहर में वर्तमान में कोई व्यापक, आधुनिक और महानगरपालिका के स्वामित्व वाली खेल सुविधा का स्थल ही नहीं है जो वास्तव में खेल उत्कृष्टता को पोषण दे सके। यह अनुपस्थिति विशेष रूप से चिंताजनक है, खासकर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदीजी के नेतृत्व में भारत की राष्ट्रीय खेल नीति 2025 के प्रकाश में, जिसे इस वर्ष जुलाई में मंजूरी दी गई थी, जिसने 2001 की दो दशक पुरानी नीति को बदल दिया है। नई नीति का प्राथमिक लक्ष्य 2036 के ओलंपिक में भारत को मजबूत प्रदर्शन के लिए तैयार करना, 2047 तक भारत को एक वैश्विक खेल महाशक्ति बनाना और यह सुनिश्चित करना है कि हर नागरिक खेल से जुड़ा हो।
उन्होंने लिखा कि मुंबई को इस दृष्टि में अर्थपूर्ण योगदान देने के लिए, मुम्बई महानगरपालिका को नेतृत्व लेना चाहिए। अंधेरी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के प्रस्तावित उन्नयन (अपग्रेड) को लगभग 5 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत के साथ मुम्बई महानगरपालिका द्वारा सीधे अपने बजटीय प्रावधानों के तहत शामिल किया जाना चाहिए। ऐसा करने से न केवल पारदर्शिता, कुशलता और जिम्मेदारी सुनिश्चित होगी, बल्कि यह खेलों और युवा कल्याण को बढ़ावा देने के प्रति महानगरपालिका की प्रतिबद्धता में जनता का विश्वास भी बढ़ाएगा।
जनसेवक गोपाल शेट्टी ने आगे लिखा है कि उत्तर मुंबई को भी एक विश्व स्तरीय खेल परिसर की आवश्यकता है, जिसका नाम भी बाला साहेब ठाकरे के नाम पर हो। उत्तर मुम्बई के युवाओं में पारंपरिक और आधुनिक खेलों, दोनों में ही उत्साह और प्रतिभा समान है। उत्तर मुम्बई में भी खेल संकुल बने और यहां कबड्डी, खो-खो, वॉलीबॉल, पिकल/पैडल कोर्ट व अन्य खेलों की राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर भागीदारी के लिए संरचित कोचिंग की सुविधाओं को प्राथमिकता मिल सके। इस परियोजना को स्वतंत्र रूप से निष्पादित करके बीएमसी देश भर के अन्य शहरी स्थानीय निकायों के लिए एक उदाहरण स्थापित कर सकती है, जो राष्ट्रीय खेल नीति 2025 के उद्देश्यों के अनुरूप है।
अंत में जनसेवक गोपाल शेट्टी ने उल्लेख किया है किपीपीपी मॉडल को अपनाने की बजाय, बीएमसी अपने बजट से सीधे अंधेरी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के उन्नयन को लागू करने पर विचार करें और साथ ही साथ उत्तर मुंबई में दिवंगत बालासाहेब ठाकरे जी के नाम पर एक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स स्थापित करने पर भी गंभीरता से विचार किया जाए।


