मुंबई वार्ता संवाददाता

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को हमारा निवेदन सार्वजनिक रूप से कह दिया गया है। प्रकृति और नियति उन्हें सद्बुद्धि दे, ऐसी प्रार्थना हम कर रहे हैं। दशहरे पर रावण का दहन किया जाता है, वह किसी एक व्यक्ति का नहीं बल्कि प्रवृत्ति का दहन होता है। संघ के दस मुख केवल दस दिशाओं में ही नहीं, बल्कि सभी प्रतिगामिता में छिपे हुए हैं। उसका धिक्कार और दहन होना चाहिए, ऐसी हमारी अपेक्षा है, ऐसा महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा।


नागपुर स्थित दीक्षाभूमि से सुबह 6 बजे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के परपोते तुषार गांधी और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल के नेतृत्व में संविधान सत्याग्रह पदयात्रा की शुरुआत हुई।
इस अवसर पर कांग्रेस वर्किंग कमिटी के सदस्य और पूर्व मंत्री नसीम खान, सुनील केदार, अनिस अहमद, राजेंद्र मुळक, एआईसीसी सचिव प्रफुल गुडधे, राकांपा नेता व पूर्व मंत्री अनिल देशमुख, सांसद नामदेव किरसान, सांसद शामकुमार बर्वे, विधायक अभिजीत वंजारी, शहर कांग्रेस अध्यक्ष विधायक विकास ठाकरे, शिवसेना नेत्या सुषमा अंधारे, प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष नाना गावंडे, किशोर कान्हेरे, वरिष्ठ प्रवक्ता अतुल लोंढे, नागपुर जिला कांग्रेस अध्यक्ष अश्विन बैस, संदेश सिंघलकर समेत कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित थे।


हर्षवर्धन सपकाल ने आगे कहा कि संविधान में निहित भारत के लिए सभी भारतीयों को हाथ मिलाकर काम करना चाहिए और संविधान का सत्य दूर-दूर तक फैलाना ही इस पदयात्रा का उद्देश्य है।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को भाजपा के एक प्रवक्ता ने छाती में गोलियां मारने की खुली धमकी दी है। इसका तीव्र शब्दों में विरोध करते हुए हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि महात्मा गांधी की छाती पर गोलियां दागने वाली औलाद आज भी जिंदा है और यह विचार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की काली टोपी से आया है। लेकिन राहुल गांधी के बाल को भी अगर आंच आई तो याद रखना, ऐसा चेतावनी कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने दी।
इस अवसर पर तुषार गांधी ने कहा कि लोकतंत्र, संविधान और जनता के सत्याग्रह के अधिकार के लिए यह पदयात्रा आयोजित की गई है और यह जनता का आक्रोश है। इस पदयात्रा में महाविकास आघाड़ी के सभी घटक दलों के नेता, पदाधिकारी और आम जनता शामिल हुई है।
इस पदयात्रा ने दोपहर तक अशोकवन तक का सफर तय किया और वहां भोजन कर विश्राम किया। आज शाम को यात्रा बुटीबोरी पहुंचेगी जहां एक जनसभा और रात्रि विश्राम होगा।


