मुंबई वार्ता संवाददाता

राज्य की 246 नगरपालिकाओं और 42 नगर पंचायतों के चुनाव में महज एक दिन बाकी रहते 20 नगरपालिकाओं और कुछ वार्डों के चुनाव स्थगित करने का निर्णय आश्चर्यजनक और अकल्पनीय है। यदि कहा जा रहा है कि कोर्ट के आदेश के आधार पर चुनाव स्थगित किए गए हैं, तो यह आदेश 22 नवंबर को आया था। फिर 30 नवंबर तक यानी पूरे 8 दिनों तक चुनाव आयोग क्या सो रहा था? ऐसा तीखा सवाल उठाते हुए महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि चुनाव आयोग अपने ही नियमों का पालन नहीं कर पा रहा है। आयोग की गडबड और अव्यवस्थित कामकाज अब सार्वजनिक रूप से सामने आ गया है।


इस विषय पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि स्थानीय निकायोंके के चुनाव लगभग 10 वर्षों बाद हो रहे हैं। ये चुनाव मूल रूप से कार्यकर्ताओं के चुनाव होते हैं, लेकिन यहां भी भारी गड़बड़ी पैदा की गई। पहले नामांकन प्रक्रिया जटिल बनाई गई, मतदाता सूची में भारी घोटाला किया गया, मतदार सूचियों में दो-दो और तीन-तीन नाम दिखाए गए। चुनाव घोषित होने के बाद आरक्षण मुद्दे पर कोर्ट के निर्देशों के कारण कई नगर पंचायतों का भविष्य अधर में लटक गया। और अब तो 20 नगरपालिकाओं व कुछ प्रभागों के चुनाव स्थगित कर नया कार्यक्रम घोषित किया गया।3 दिसंबर के परिणामों का इन चुनावों पर प्रभाव पड़ सकता है, इसलिए 3 दिसंबर के नतीजे भी 20 तारीख को मतदान के बाद ही घोषित किए जाएँ। अपने ही नियमों का पालन न कर पाने वाला आयोग कैसा आयोग है?


उन्होंने कहा कि चुनावों को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराना चुनाव आयोग का कर्तव्य है, पर पिछले कुछ वर्षों के कामकाज से यही साबित होता है कि आयोग को अब चुनाव भी ठीक से कराना नहीं आता, यह दुर्भाग्यपूर्ण है।
● सोनिया जी और राहुल जी पर राजनीतिक प्रतिशोध से दर्ज किए गए मुकदमे…
सपकाल ने कहा कि नेशनल हेराल्ड मामले में दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच द्वारा सोनिया गांधी, राहुल गांधी और कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं पर दर्ज किया गया मामला पूरी तरह राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से प्रेरित है। नरेंद्र मोदी और अमित शाह सत्ता का दुरुपयोग कर विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास कर रहे हैं। नेशनल हेराल्ड का मामला निराधार और मनगढ़ंत है। इसमें कई जांचें हो चुकी हैं, लेकिन कुछ भी ठोस सामने नहीं आया। फिर भी गांधी परिवार को बदनाम करने और प्रताड़ित करने के उद्देश्य से मोदी–शाह सरकार सरकारी एजेंसियों का दुरुपयोग कर दबाव बनाती रहती है।
गांधी परिवार का देश के प्रति समर्पण, त्याग और बलिदान की परंपरा है। संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए राहुल गांधी संघर्ष कर रहे हैं, इसी कारण उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। कांग्रेस ऐसी कारवाई से डरने वाली नहीं है। मोदी–शाह की बदले की राजनीति का हम कड़ा विरोध करते हैं, ऐसा प्रदेशाध्यक्ष सपकाल ने कहा।
नेशनल हेराल्ड मामले में मुकदमे दर्ज करने वाली मोदी–शाह सरकार केंद्रीय मंत्री मुरलीधर मोहोल और उपमुख्यमंत्री अजित पवार के बेटे पार्थ पवार पर करोड़ों रुपये के भूमि घोटाले में मुकदमे दर्ज क्यों नहीं करती? यह सवाल भी सपकाल ने उठाया है।


