मुंबई वार्ता संवाददाता

बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के जनसंपर्क विभाग की ओर से आज ‘राष्ट्रीय अग्निशमन सेवा दिवस’ के अवसर पर मुंबई अग्निशमन दल में सेवा के दौरान शहीद हुए वीर अधिकारियों और जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। यह कार्यक्रम भायखला स्थित अग्निशमन मुख्यालय में आयोजित किया गया।


कार्यक्रम में बीएमसी की विधि समिति अध्यक्ष श्रीमती दीक्षा कारकर, अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त (शहर) डॉ. अश्विनी जोशी, महाराष्ट्र अग्निशमन सेवा के संचालक संतोष वारिक, प्रमुख अग्निशमन अधिकारी रवींद्र आंबुलगेकर, मुंबई पोर्ट ट्रस्ट के प्रमुख अग्निशमन अधिकारी इंद्रजीत चड्ढा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य उपस्थित रहे। इसी अवसर पर 14 से 20 अप्रैल तक मनाए जाने वाले अग्निशमन सेवा सप्ताह का भी शुभारंभ किया गया।


डॉ. अश्विनी जोशी ने कहा कि आज के दौर में मुंबई अग्निशमन दल के सामने नई और जटिल चुनौतियां हैं। घाटकोपर में होर्डिंग गिरने और मोनोरेल में यात्रियों के फंसने जैसी घटनाएं इसका उदाहरण हैं। बावजूद इसके, अग्निशमन दल पूरी क्षमता और समर्पण के साथ मुंबईकरों की सुरक्षा में जुटा हुआ है। उन्होंने कहा कि आपदा के समय प्रशासन के साथ नागरिकों का सहयोग भी बेहद जरूरी है, ताकि राहत और बचाव कार्य सुचारु रूप से किया जा सके।
उन्होंने इमारतों में अग्नि सुरक्षा उपायों पर जोर देते हुए कहा कि ‘रिफ्यूज फ्लोर’, अग्निशमन उपकरणों की कार्यक्षमता और नियमित रखरखाव जैसे पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। साथ ही बीएमसी द्वारा ‘आपदा मित्र’ पहल के तहत नागरिकों को अग्नि सुरक्षा और आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
महाराष्ट्र अग्निशमन सेवा के संचालक संतोष वारिक ने बताया कि राज्य सरकार अग्निशमन व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए विभिन्न योजनाएं और प्रशिक्षण कार्यक्रम चला रही है। मुंबई जैसे महानगर में ऊंची इमारतें और घनी आबादी के कारण बचाव कार्य चुनौतीपूर्ण होता है, लेकिन अग्निशमन दल हर परिस्थिति में तैयार रहता है।
विधि समिति अध्यक्ष दीक्षा कारकर ने कहा कि जिस तरह सीमा पर सैनिक देश की रक्षा करते हैं, उसी भावना से अग्निशमन दल के जवान मुंबईकरों की सुरक्षा के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि बीएमसी दल के अधिकारियों और जवानों की समस्याओं के समाधान के लिए हर संभव सहयोग करेगी।
कार्यक्रम की शुरुआत वीर स्मृति स्तंभ पर पुष्पचक्र अर्पित कर और मानवंदना देकर की गई। इस दौरान 1944 की ऐतिहासिक घटना को भी याद किया गया, जब मुंबई बंदरगाह पर ‘एस.एस. फोर्ट स्टिकीन’ जहाज में भीषण विस्फोट और आग लगी थी, जिसमें अग्निशमन दल के 66 जवान शहीद हुए थे। इसी घटना की स्मृति में हर वर्ष 14 अप्रैल को देशभर में राष्ट्रीय अग्निशमन सेवा दिवस मनाया जाता है।


