मुंबई वार्ता/सतीश सोनी

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने २५ लाख रुपये की रिश्वत मांगने के एक मामले में गुरुवार को ठाणे नगर निगम के उपायुक्त समेत दो लोगों को एक स्थानीय अदालत में पेश किया और उन्हें दो दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया।
बुधवार को ठाणे नगर निगम मुख्यालय में एसीबी द्वारा की गई छापेमारी में, अतिक्रमण निरोधक विभाग के प्रमुख उपायुक्त शंकर पटोले और ओंकार गायकर नामक एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया था। दोनों को गुरुवार को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश वी.जी. मोहिते के समक्ष पेश किया गया, जिन्होंने उन्हें ४ अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया।रिश्वतखोरी मामले में शामिल एक अन्य व्यक्ति, सुशांत सुर्वे, फिलहाल फरार है।


एसीबी सूत्रों ने बताया कि पटोले, गायकर और सुर्वे के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।एक रियल एस्टेट डेवलपर ने मुंबई एसीबी में शिकायत दर्ज कराई थी कि एक नगर निगम अधिकारी (पटोले) ने शिकायतकर्ता के ठाणे स्थित परिसर से अतिक्रमण हटाने के लिए 35 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। शिकायतकर्ता ने दावा किया कि उसने पहले सुशांत सुर्वे के माध्यम से अधिकारी को १० लाख रुपये दिए थे।
शिकायतकर्ता ठाणे नगर निगम मुख्यालय में पटोले के केबिन में गायकर को पच्चीस लाख रुपये दे रहा था, तभी एसीबी ने कार्रवाई करते हुए दोनों को हिरासत में ले लिया।


