मुंबई वार्ता संवाददाता

अंधेरी पश्चिम स्थित लोखंडवाला बैकवॉटर क्षेत्र में कथित तौर पर अवैध तरीके से मिट्टी और अन्य सामग्री डालकर जमीन भरने का मामला सामने आने के बाद मुंबई उपनगर के जिलाधिकारी सौरभ कटियार ने संबंधित अधिकारियों को दोषियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने का निर्देश दिया है।


बताया गया है कि महाराष्ट्र राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के नाम पर इस क्षेत्र में कथित अवैध भराव जारी है। इस मामले में 87 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाए जाने के बावजूद गतिविधियां नहीं रुकने पर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है।जिलाधिकारी का यह आदेश उत्तर-पश्चिम मुंबई के सांसद रवींद्र वायकर और जिलाधिकारी सौरभ कटियार के बीच हुई बैठक के दौरान सामने आया।
निर्वाचन क्षेत्र की लगभग 30 लंबित समस्याओं की समीक्षा के लिए यह बैठक जिलाधिकारी कार्यालय में आयोजित की गई थी। बैठक में लोखंडवाला बैकवॉटर में जारी कथित अवैध भराव का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया।प्राप्त जानकारी के अनुसार, महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने इस मामले में 87 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। इसके बावजूद प्रतिदिन सैकड़ों ट्रकों के जरिए भराव सामग्री लाए जाने की शिकायत अधिकारियों के सामने रखी गई।
जिलाधिकारी ने प्रदूषण नियंत्रण मंडल के अधिकारियों को जिम्मेदार लोगों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई शुरू करने और क्षेत्र में कामकाज की निगरानी के लिए नियुक्त दल को मामले पर गंभीरता से ध्यान देने के निर्देश दिए।बैठक में इसके अलावा जोगेश्वरी पूर्व के कल्पतरु एस्टेट में कथित अनियमितताओं, बीएमसी के बाजारों के पुनर्विकास में देरी, विकास योजना की सड़कों के निर्माण और यातायात जाम जैसी समस्याओं पर भी चर्चा हुई।
कल्पतरु एस्टेट में विकासकर्ता द्वारा बीएमसी को सौंपी जाने वाली सुविधाओं के हस्तांतरण और इमारत को अधिभोग प्रमाणपत्र दिए जाने से जुड़े आरोपों की विस्तृत जांच के निर्देश भी दिए गए।गोरेगांव स्थित नेस्को परिसर में कथित अवैध निर्माण की संयुक्त जांच कर 15 दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपने को कहा गया। वहीं, गोरेगांव पूर्व में फोर्स वन क्षेत्र के भीतर आदिवासी बस्तियों के पुनर्वास और अन्य स्थानों पर अवैध भराव तथा निर्माण की शिकायतों पर भी कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
लोखंडवाला बैकवॉटर में कथित अवैध भराव के मामले में अब प्रशासन की कार्रवाई पर नजर रहेगी। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे शिकायत को गंभीरता से लें और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार आपराधिक कार्रवाई सुनिश्चित करें।


