मुंबई वार्ता संवाददाता

मुंबई के प्रतिष्ठित दैनिक उर्दू टाइम्स की मालकिन क़मरुन्निसा सईद अहमद की स्मृति में मुंबई प्रेस क्लब में उर्दू पत्रकार संघ और उर्दू जर्नलिस्ट एसोसिएशन की ओर से शोकसभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर उपस्थित सभी लोगों ने क़मरुन्निसा सईद अहमद को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की और नम आंखों से उन्हें याद किया। साथ ही उनकी आत्मा की शांति तथा परिवार और सभी परिजनों को इस दुख को सहन करने की शक्ति एवं धैर्य प्रदान करने की प्रार्थना की गई।


शोकसभा में उर्दू जर्नलिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं दैनिक मुंबई उर्दू न्यूज़ के विशेष संवाददाता अहमद इज़हार, दैनिक हिंदुस्तान के मालिक एवं संपादक तथा उर्दू जर्नलिस्ट एसोसिएशन के महासचिव सरफराज आरज़ू, उर्दू टाइम्स के वरिष्ठ पत्रकार फारूक अंसारी, दैनिक मुंबई उर्दू न्यूज़ के वरिष्ठ पत्रकार शकील रशीद, वरिष्ठ पत्रकार जावेद जमालुद्दीन, मुंबई अमन कमेटी के अध्यक्ष फरीद शेख, सामाजिक कार्यकर्ता सईद खान, फरीद खान, हुडा टाइम्स के संपादक मुस्तकीम मक्की, टाइम्स ऑफ इंडिया के वरिष्ठ पत्रकार वजीउद्दीन, सामाजिक कार्यकर्ता सलीम अलवारे, आमिर इदरीसी, भाजपा नेता वसीम खान, वरिष्ठ पत्रकार आजम शहाब, अल्लामा बनी नईम हसनी, इकबाल नियाजी, ग़ज़ाला आज़ाद, इन दिनों अखबार के संपादक आलम रिजवी तथा फजले हुसैन, संपादक सहाफत सहित शहर की कई प्रतिष्ठित हस्तियां उपस्थित थीं।


सभी वक्ताओं ने क़मरुन्निसा सईद अहमद के निधन को उर्दू पत्रकारिता के लिए बड़ी क्षति बताते हुए उनकी पत्रकारिता और सामाजिक सेवाओं को याद किया। वक्ताओं ने कहा कि उन्होंने उर्दू भाषा और पत्रकारिता की सेवा के साथ समाज और कौम के लिए भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। इस अवसर पर दैनिक उर्दू टाइम्स के मालिक सुहैल अहमद और दैनिक मुंबई उर्दू न्यूज़ के मालिक खालिद अहमद ने भी भावुक होकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। अपनी मां को याद करते हुए सुहैल अहमद बेहद गमगीन नजर आए।


शोकसभा में वक्ताओं ने क़मरुन्निसा सईद अहमद के उस संघर्ष और उपलब्धि की विशेष रूप से सराहना की, जिसके तहत उन्होंने एक सामान्य गृहिणी से मुंबई जैसे महानगर के प्रतिष्ठित अखबार की जिम्मेदारी संभालने तक का सफर तय किया। वक्ताओं ने कहा कि वह बेहद नेक, मिलनसार और ईमानदार महिला थीं। उनके दिल में समाज और कौम के प्रति गहरी संवेदना थी तथा वह उर्दू भाषा के विकास और प्रचार-प्रसार के लिए हमेशा प्रयासरत रहीं।


शोकसभा के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने दुआ की कि अल्लाह तआला अपने प्यारे पैगंबर हजरत मोहम्मद मुस्तफा ﷺ के सदके में क़मरुन्निसा सईद अहमद की मगफिरत फरमाए, उनकी सभी नेक सेवाओं को स्वीकार करे और उन्हें जन्नतुल फिरदौस में सर्वोच्च स्थान प्रदान करे। साथ ही उनके परिवार और सभी परिजनों को इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति तथा सब्र-ए-जमील प्रदान करने की दुआ की गई।


