लोढ़ा और अडानी, मुंबई की इमारतों में ही आदर्श कबूतरखाना बनाएं: हर्षवर्धन सपकाल।

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■ कबूतरखाना विवाद के पीछे भाजपा गठबंधन सरकार, ज्वलंत मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने का प्रयास.

■ अधिकारियों की पोस्टिंग को लेकर सरकार में गॅंगवार, एक ही पद पर मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री द्वारा दो अलग-अलग अधिकारियों की नियुक्ति.

मुंबई वार्ता संवाददाता

मुंबई के दादर स्थित कबूतरखाने को लेकर विवाद छिड़ा हुआ है, जिसमें राज्य के मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा विशेष रूप से सक्रिय नजर आ रहे हैं। लोढ़ा के पास मुंबई में बड़े पैमाने पर जमीन और बहुमंजिला इमारतें हैं। साथ ही सरकार ने अडानी को भी मुंबई की 33 प्रतिशत जमीन दी है। इसलिए लोढ़ा और अडानी को उनकी ही जमीन पर एक आदर्श कबूतरखाना बनाकर करुणा का नया आदर्श प्रस्तुत करना चाहिए, ऐसा बयान महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने दिया है।

कबूतरों के मुद्दे पर भाजपा सरकार को आड़े हाथ लेते हुए कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि कबूतरों के कारण फेफड़ों के गंभीर रोग हो रहे हैं, यह ध्यान में आने के बाद न्यायालय ने इन्हें हटाने के आदेश दिए हैं। लेकिन जैन समाज की ओर से यह मांग की जा रही है कि कबूतरखाने न हटाए जाएं। नागरिकों का स्वास्थ्य सर्वोपरि है और उनकी सेहत का ध्यान रखना जरूरी है। लेकिन सरकार जानबूझकर ऐसे विवादों को हवा दे रही है।

भाजपा गठबंधन सरकार का काम बीमारी से भी ज्यादा भयावह इलाज करना बन गया है। राज्य में किसान संकट में हैं, युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा, महंगाई चरम पर है, कानून-व्यवस्था की हालत गंभीर है – इन तमाम मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने के लिए ही सरकार ऐसे फालतू विवाद खड़े कर रही है, ऐसा आरोप सपकाल ने लगाया।

एक सवाल के जवाब में प्रदेशाध्यक्ष सपकाल ने कहा कि दादर के कबूतरखाने में हुए आंदोलन में बाहरी लोग शामिल थे, ऐसा दावा किया जा रहा है, लेकिन यह भी एक बनावटी कहानी है। राज्य में कहीं भी कोई घटना घटती है तो सरकार तुरंत कह देती है कि यह बाहरी लोगों की करतूत है। यह एक ठोकबाज और घिसा-पिटा बहाना है, जिससे सरकार अपना असफल शासन छिपाने की नाकाम कोशिश करती है, ऐसा भी हर्षवर्धन सपकाल ने कहा।

■ डबल इंजन सरकार या डबल गॅंगवॉर?

BEST प्रशासन की अतिरिक्त जिम्मेदारी एकनाथ शिंदे ने अश्विनी जोशी को दी, जबकि उपमुख्यमंत्री फडणवीस ने उसी पद के लिए आशीष शर्मा की नियुक्ति की। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बीच अधिकारियों की पोस्टिंग को लेकर गंगवॉर छिड़ी है। एक ही पद के लिए, एक ही दिन में फडणवीस और शिंदे ने अलग-अलग अधिकारियों की नियुक्ति की है। मलाईदार पदों पर “अपना आदमी” बैठाने की होड़ में लगे इस संघर्ष को देखकर जनता पूछ रही है,क्या यह सरकार है या कोई माफिया गिरोहों की जंग?

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